जागरणसंवाददाता,चहनियां(चंदौली):रामगढ़स्थितलोकनाथपीजीकालेजसभागारमेंशनिवारकोबाबाकीनारामकासंतसाहित्यमेंयोगदानविषयपरसंगोष्ठीकाआयोजनहुआ।गृहविज्ञानविभागकीछात्राओंनेखान-पानकेस्टालकेसाथबाबाकेसाहित्योंकीप्रदर्शनलगाई।

काशीविद्यापीठकेकुलपतिप्रो.टीएनसिंहनेकहाबाबाकीनारामद्वारारचितरचनावग्रांथावलीकोजन-जनतककैसेपंहुचायाजाय,इसकेलिएसभीकोकामकरनाहोगा।हमारेशास्त्रोंमेंविज्ञानकाखजानाछिपाहै।इसेसभीकोढूंढ़नेकीजरूरतहै।रामगढ़मेंअघोराचार्यबाबाकीनारामकाउदयहुआ,यहांकीमाटीमेंउनकाबचपनबीताइसलिएयहांकेलोगभीधन्यऔरपूजनीयहैं।

जगतगुरुरामानंदाचार्यश्रीरामनरेशाचार्यमहाराजनेकहाअघोराचार्यबाबाकीनारामवैष्णवपरंपराकेसाथअघोरपरंपराकेसाधकथे।उन्होंनेकईसाहित्योंकीरचनाकीलेकिनसाहित्यजगतमेंकहींस्थाननहींमिलनाचिताकाविषयहै।ऐसेसंतकीरचनाओंकोस्कूल,कालेजोंमेंपढ़ानेकीजरूरतहै।राजेंद्रप्रतापसिंह,डा.संतत्रिपाठी,पूर्वउपजिलाधिकारीओमप्रकाशचौबे,डा.अनिलयादव,एलउमाशंकर,रामजीप्रसादभैरव,अजीतसिंहआदिनेविचारव्यक्तकिया।

कालेजवहिदुस्तानीएकेडमीप्रयागराजकीओरसेआयोजितगोष्ठीकीशुरूआतमेंमांसरस्वती,बाबाकीनारामवस्वतंत्रतासंग्रामसेनानीलोकनाथसिंहकेचित्रपरमाल्यार्पण,दीपप्रज्ज्वलनकियागया।धनंजयसिंहनेअतिथियोंकोस्मृतिचिन्हवअंगवस्त्रदेकरसम्मानितकिया।गोष्ठीमेंप्रभुनारायणसिंहलल्ला,देवेंद्रप्रतापसिंह,उपेंद्रसिंहगुड्डू,अरविदसिंह,विपिनसिंह,वीरेंद्रयादव,विनोदसिंह,संजयसिंहआदिमौजूदथे।गोष्ठीकीअध्यक्षताउदयप्रतापसिंहवसंचालनविनयसिंहनेकिया।