नईदिल्‍ली,मनुत्यागी।कोईविज्ञापनदेखकरक्याआपभीप्रभावितहोतेहैं?हां,यदिवहआंखोंकोकुछसुखदेनेवालाहोताहैयाहृदयकीगहराईतकपहुंचताहैतोनिश्चितरूपसेउसेदेखनेऔरपढ़नेकेलिएठहरजातेहैं।ऐसेविज्ञापनप्रभावभीछोड़तेहैं।मनपरएकछापछोड़देतेहैं।कईबारहमारेलिएवेप्रेरकभीबनजातेहैं।विशेषकरजन-जागरूकताप्रदर्शितकरनेवालेविज्ञापन।उसमेंकिरदारहोतेहैं,कहानीहोतीहै।

येसबहमारेसमाजकीव्यथाकोहीकहरहेहोतेहैं,खासकरजबबातबेटियोंकेजन्म,उनकीशिक्षाऔरसुरक्षाकीकहानीउसविज्ञापनमेंकहीजारहीहो।वैसेउनचेहरोंमेंहमारेक्षेत्रोंकीवहवास्तविकताछिपीहोतीहैजिससेएकबड़ावर्गउससेकनेक्टनहींहोपाताहै।परंतुइन्हेंदेखउनकीभीचेतनाजागृतहोतीहै।यदिसुविधासंपन्नवर्गकीचेतनाजगेगीतोजोसमाजसाथ-साथबढ़नेसेएकहाथपीछेछूटगयाहै,उसेसंभालनेकोभीकुछहाथउठखड़ेहोंगे।

शायदइसीसोच,धारणाऔरमंतव्यकेसाथकेंद्रसरकारने‘बेटीबचाओ-बेटीपढ़ाओ’योजनाकेविज्ञापनऔरउसकेप्रचारप्रसारपरएकबड़ाहिस्साव्ययकियाहै।इसेयोजनाकासुखदपरिणामकहेंयासमाजकासोचपरिवर्तनकहेंकिइसबारकुछराज्योंमेंराष्ट्रीयपरिवारस्वास्थ्यसर्वेक्षणमेंलिंगानुपातमेंबदलावनजरआताहै।लेकिनसाथहीएकसवालयहभीपैदाहोताहैकिआखिरयेबदलावकुछहीजगहक्यों?इसयोजनाकेप्रचारप्रसारकेलिएबजटकेतहतरकमकाआबंटनतोदेशभरकेलिएकियाजारहाहै।फिरजोकामहरियाणाजैसेरूढ़ीवादियोंकीबाहुल्यतावालेराज्यमेंहोसकताहै,वहउसीसेसटेचंडीगढ़मेंक्योंनहींहोसकताहै?इससचकोखारिजनहींकियाजासकताकिहरियाणानेबेटियोंकेलिएसभीप्रकारकीबंदिशोंकोतोड़ाहै,केवलखेलमेंहीनहीं,बल्किशिक्षाकेक्षेत्रमेंभीवहांकीलड़कियांनामकमारहीहैं।पहलेकीअपेक्षालिंगानुपातमेंहुआसुधारभीइसकीपैरवीकरताहै।

यहांसवालइसलिएपैदाहोरहेहैं,क्योंकिबीतेसप्ताहसंसदमेंएकरिपोर्टप्रस्तुतकीगईजिसमेंयहतथ्यसामनेआयाकि‘बेटीबचाओ-बेटीपढ़ाओ’योजनाकेबजटकालगभग80प्रतिशतकेवलइसकेप्रचार-प्रसारपरखर्चहोरहाहै।बेटियोंकेस्वास्थ्यऔरउनकीशिक्षाकेसुधारकेलिएजमीनपरकोईकामनहींहोरहाहै।इसेदूरऔरनजदीककेदोनोंनजरकेचश्मेसेदेखनेकीकोशिशकरतेहैं।पहलेनजदीककेचश्मेसेदेखतेहैंजिसमेंजागरूकताविज्ञापनसेआतीहै।उसीकापरिणामहैकिदेशभरमेंकुलआबादीमेंप्रतिएकहजारपुरुषोंपरमहिलाओंकीसंख्या1020होगईहै।इसतरहकाअभूतपूर्वआंकड़ादेशमेंपहलीबारदिखाहैजोकभी100-200केअंतरसेहोताथायानीपुरुषोंकीतुलनामेंमहिलाओंकीसंख्या800से900तकरहीहै।

हमारेदेशमेंराजस्थानएकऐसाराज्यहैजहांकेबारेमेंकहाजाताहैकिबेटियांपैदाहोतेहीवहांउन्हेंनमकचटाकरहमेशाकेलिएसुलादियाजाताहै,लेकिनअबवहांभीयहअनुपातहजारकेआंकड़ेकोपारकरतेहुए1009तकपहुंचचुकाहै।निश्चितहीयहप्रचार-प्रसारकासुखदसंकेतहै।देशभरमेंकईऐसेपिछड़ेगांवहैं,जहांपहलेइससंदर्भमेंबहुतहीखराबस्थितिथी,लेकिनअबवहांभीसुधारहोरहाहै।उत्तरप्रदेशकेझांसीमंडलकीबातकरेंतोयहांलिंगानुपातमें11प्रतिशततककीवृद्धिहुईहै।यानीअबप्रतिहजारबेटोंमें907बेटियांजन्मलेरहीहैं।लेकिनअगरयेसबविज्ञापनसेहीहोरहाहैतोउसीमंडलकाजालौनजिलासबसेफिसड्डीक्योंरहा?इसीतरहबलियामेंप्रतिएकहजारलड़कोंपर937लड़कियांहीहैं।यानीइसइलाकेमेंकहींनकहींजनजागरूकताकाअभावरहगया।साथहीइससेसरकारीसिस्टमकीअकर्मण्यताभीसामनेआतीहै।

इससंदर्भमेंराज्योंकीउदासीनताकाअंदाजाइसीसेहोजाताहैकिसंसदमेंसमितिद्वारापेशरिपोर्टमेंचंडीगढ़जैसेकेंद्रशासितप्रदेशऔरत्रिपुराजैसेराज्योंमेंखर्चनहींकेबराबरहुआहै।बिहारनेइसकोषसेबेटियोंकेउत्थानकेलिएकेवल5.6प्रतिशतहीखर्चकियाहै।इससेनिश्चितहीलड़कियोंकेउज्ज्वलभविष्यकीयोजनाकीदृष्टिबहुतकमजोरकीजारहीहै।इसमेंकोईदोरायनहींकिकोईभीयोजनाराज्योंद्वाराजमीनीस्तरपरसुचारुतरीकेसेसंचालितकरनेपरहीसफलहोपातीहै।इसकाबहुतबड़ाउदाहरणकोरोनारोधीटीकाकरणअभियानकादियाजासकताहै।जोलोगटीकालगवानेकोटीकाकरणकेंद्रतकनहींजारहेथेउन्हेंजागरूककियागया।वेभीप्रचार-प्रसारसेहीजागरूकहुए।फिरउनकेलिएडोर-टू-डोरवैक्सीनसिस्टमलागूकियागया।तभीहमदुनियामेंसर्वाधिकटीकाकरणकीश्रेणीतकपहुंचसके।कहनेकातात्पर्ययहहैकिविज्ञापनकाखर्चनिकटकीदृष्टिसेसुखदनतीजेदेतानजरआताहै।

दूरदृष्टिपरचिंतन:अबइसमसलेकोदूरदृष्टिकेचश्मेसेदेखनेकाप्रयासकरतेहैं।यहयोजनाबनीकिसकेलिएऔरइसकाउद्देश्यक्याथा?जाहिरहैकिबेटियोंकेस्वास्थ्यऔरउनकेशैक्षिकउत्थानकेलिए।लेकिनइससंबंधमेंतोअधिकखर्चहोहीनहींरहा।हमनेबेटियांपैदाकरनेकेलिएतोलोगोंकोजागरूककरदिया,लेकिनअबउसकेदूरगामीपरिणामोंकोभीसुखदबनानेपरगंभीरतासेध्यानदेनेकीजरूरतहै।यदिउनकेस्वास्थ्यऔरशिक्षापरध्याननहींदियाजाएगा,उनकोसशक्तऔरस्वावलंबीबनानेपरध्यानहीनहींहोगातोइसयोजनाकाउद्देश्यकैसेसफलहोगा?बेटियांआजगृहसेवासेदेशसेवातकमेंअभूतपूर्वभूमिकानिभारहीहैं।उनका‘शतरूपा’स्वरूपअभिनंदनीयहै।प्रेरकहै।

योजनाकाउद्देश्य:बेटीबचाओ-बेटीपढ़ाओयोजनाकेपीछेचारमकसददूरगामीसोचकेसाथरखेगएथे।पहला,बेटियोंकोपढ़ाईकेलिएआर्थिकसहायता।दूसरा,बेटियोंकीशादीकेलिएआर्थिकमदद।तीसरा,बेटियोंकीभ्रूणहत्याकोरोकनाऔरचौथालड़केवलड़कियोंकेबीचकाभेदभावकमकरना।बेटियांशिक्षितहोजाएंगीतोस्वत:स्फूर्तभावमेंबहुतसारीचीजेंस्वयंठीकहोजाएंगी,क्योंकिजागरूकताऔरशिक्षितहोनाएकदूसरेकेपूरककीभांतिहैं।जबतकबेटियोंकोपढ़नेऔरआगेबढ़नेकीस्वतंत्रतानहींमिलेगी,तबतकस्थितिमेंबदलावनहींआएगा।निश्चिततौरपरबेड़ियांटूटीहैंऔरकुछप्रेरककहानियांबनीहैं,लेकिन135करोड़आबादीकेबीचमेंचंदप्रेरककहानियांबहुतकुछनहींकरपातीहैं।येकहानियांजबतकघर-घरनहींगूंजेंगी,तबतकहमयूंहीआंकड़ोंकेगौरवसेखुदकीपीठथपथपातेरहेंगे।जबघरसेस्कूलकीदूरीघटेगी,रास्तेसुरक्षितहोंगे,स्कूलोंमेंलड़के-लड़कियोंकेलिएअलगशौचालयहोंगे,वंचितसमुदायकेबच्चोंऔरविशेषकरबेटियोंकोशिक्षासेजोड़नेकेलिएछात्रवृत्तिकीराशिबढ़ेगीतभीसुधारकीउम्मीदभीजगेगी।महत्वपूर्णबातयहहैकिशिक्षाकाअधिकारसबसेज्यादातीनसे18वर्षतककीबच्चियोंकेबीचपहुंचनाबहुतजरूरीहै।फिरतोबातस्वयंबनजाएगी।

हमारेसमाजकीएकतल्खहकीकतयहहैकिबेटियोंकोपढ़ानेकाखर्चस्वजनोंकेलिएसबसेबड़ाबोझलगतारहाहै।यहआजभीकायमहैबशर्तेइसेअपनीशहरीकरणकीचकाचौंधसेबाहरनिकलकरदेखनेकीजरूरतहै।जिनगांवोंकीबेटियांदेशकेलिएकीर्तिमानरचरहीहैंउनकेआसपासकेगांवोंकेहालातआजभीनहींबदलेहैं।राष्ट्रीयपरिवारस्वास्थ्यसर्वेक्षणमेंसुखदअनुभूतिकराताआंकड़ातबथोड़ीनिराशादेताहैजबइन्हेंइसयोजनाकेसबसेपहलेपैमानेकीकसौटीपरकसतेहैं।इसमेंदेशकीस्थितिकुछऐसीहैकि40प्रतिशतमहिलाओंको10वींतकहीस्कूलीशिक्षामिलीहै।यानीअब60प्रतिशतबेटियां10वींतकहीपढ़ाईकरपारहीहैं।यहस्थितिग्रामीणअंचलमेंतोऔरखराबहोजातीहै,क्योंकिवहांकेवल33प्रतिशतबेटियांही10वींतकपढ़ाईकरपातीहैं।

वर्तमानदौरमेंशिक्षाकीअलखमनमेंजगनेकेबादशायदहीकोईबेटीघरबैठनाचाहतीहोगी।हमउसेजबरनआर्थिकअभावऔरसमाजकेसंकोचकेकारणहीरोकसकतेहैं।राजस्थाननेबेटियोंकेजन्मकोलेकरजिसतरहउत्साहदिखायाहै,अपनेरूढ़ीवादीस्वरूपकोदूरकियाहै,वहींअबउससेसाक्षरताकादीपभीप्रज्ज्वलितकरनेकीजरूरतहै।दुखदयहकिवहांआजभीछहसालसेबड़ी37प्रतिशतबेटियांकभीस्कूलनहींपहुंचतीहैं।यानीहमकहसकतेहैंकितीनमेंसेएकबेटीआजभीस्कूलसेदूरहै।इतनाहीनहीं,आजभीवहांबेटियोंकीशादीकमआयुमेंहीकरदीजातीहै।आजभीराजस्थानमेंअनेकक्षेत्रोंमेंमहज15-16वर्षकीआयुमेंबेटियोंकीशादीकरदीजातीहै।राजस्थानकेगांवोंमें34प्रतिशतऔरशहरोंमें17प्रतिशतबेटियोंकेहाथ15-16वर्षकीउम्रमेंहीपीलेकरदिएजातेहैं।जिसउम्रमेंकरियरकीउड़ानभरनेकेलिएदिशातयकरनीहोतीहै,उसउम्रमेंउन्हेंब्याहकरदूसरेघरकीजिम्मेदारियोंसेबांधदियाजाताहै।इसेबांधनाहीकहाजाएगा,क्योंकिइसआयुमेंआजकेसमाजकीबेटीअपनीइच्छासेब्याहनहींकरनाचाहेगी।इसलिहाजसेबेहतरयहहोरहाहैकिसंसदकेइसीशीतकालीनसत्रमेंबेटियोंकेविवाहकीउम्रको18सेबढ़ाकर21वर्षकरनेकेविधेयककोपारितकरनेकीदिशामेंबढ़ाजारहाहै।

बिहार,उत्तरप्रदेशऔरमध्यप्रदेशमेंभीबेटियोंकेलिएयोजनाएंतोखूबआईहैं,लेकिनवहांकेहालातभीबहुतसुकूननहींदेते।बेटीबचाओ,बेटीपढ़ाओयोजनाकेलक्ष्योंकोमुकामतकनहींपहुंचाते।हालांकियहसुधारहीहैकिमध्यप्रदेशमेंआज65प्रतिशतबेटियांशिक्षितहैं।लेकिनइसमेंचिंताकीलकीरेंभीहैं,क्योंकि29प्रतिशतमहिलाएं10वींसेआगेनहींबढ़ीं।बिहारतोइसयोजनाकामहजछहप्रतिशतहीबेटियोंकेउत्थानपरखर्चकररहाहैतोवहांकीस्थितिस्वाभाविकहैतौरपरसुधारकीराहसेभटकीहुईहै।तभीछहवर्षोमेंमहजछहप्रतिशतसुधार10वींतकस्कूलजानेवालीबच्चियोंकीस्थितिमेंहुआहै,यानीयह23प्रतिशतसेबढ़कर29तकपहुंचगयाहै।