संवादसहयोगी,फाजिल्का:घंटाघरकेनिकटस्थितश्रीसनातनधर्मअरोड़वंशगीताभवनमंदिरफाजिल्कामेंसातदिवसीयश्रीमद्भागवतकथाज्ञानयज्ञकेउपलक्ष्यमेंकलशयात्रानिकालीगई।इसदौरानकलशयात्राकाविभिन्नजगहोंपरभव्यस्वागतहुआ।इसदौरानउत्तरप्रदेशसेपहुंचेकथावाचकआचार्यगोपालकृष्णत्रिपाठीभीकलशयात्राकेसाथउपस्थितथे।उक्तकथाकेआयोजनमेंदासानुदासरामप्रकाशपरिवारद्वारासहयोगकियाजारहाहै।

इसदौरानकथाकरतेहुएआचार्यगोपालकृष्णत्रिपाठीनेकहाकिभागवतकथासमाजमेंप्रेमकासंदेशदेतीहै।समाजिकसदभाववशांतितथाआपसीभाईचाराकेलिएभागवतकथाजरूरीहै।कथाश्रवणसेकष्टदूरहोतेहैंऔरईश्वरकोपानेकेलिएभटकनानहींपड़ता।उन्होंनेकहाकिभाग्यवानव्यक्तिहीश्रीमद्भागवतकथाकाश्रवणकरताहै।उन्होंनेकहाकिश्रीमद्भागवतकथासुननेसेमोक्षकीप्राप्तिहोतीहै।कथासुननेनकेवलअपनेविचारशुद्धहोतेहैं,बल्किमानवकेअंदरदूसरेकेप्रतिप्रेमवआदरबढ़ताहै।उन्होंनेकहाकिकथाकीसार्थकतातबहीसिद्धहोतीहैजबइसेहमअपनेजीवनवव्यवहारमेंधारणकरनिरंतरहरिस्मरणकरतेहैं।अपनेजीवनकोआनंदमय,मंगलमयबनाकरअपनाआत्मकल्याणकरें।अन्यथायहकथाकेवलमनोरंजन,कानोंकेरसतकहीसीमितरहजाएगी।भागवतकथासेमनकाशुद्धिकरणहोताहै।इससेसंशयदूरहोताहैऔरशांतिवमुक्तिमिलतीहै।मंदिरकमेटीकेप्रधानसुरिद्रआहुजा,कोषाध्यक्षटेकचंदधूड़िया,सदस्यविजयवढेरानेबतायाकियहकथा22नवंबरसेलेकर28नवंबरतकचलेगी,जिसमेंरोजानाशामतीनबजेसेसायंछहबजेतककथाहोगी।वहीं28नवंबररविवारकोकथाकासमापनहोगा।इसउपलक्ष्यमेंसुबहकेसमयपूर्णाहुतिएवंभंडारेकाआयोजनकियाजाएगा।उन्होंनेबतायाकिआयोजनकोलेकरमंदिरकमेटीद्वारासेवादारोंकीड्यूटियांलगादीगईहैं।जबकिमंदिरपरिवारकोकथाज्ञानयज्ञकेउपलक्ष्यमेंसुंदरलाइटोंसेसजायाजाएगा।उन्होंनेबतायाकिआयोजनमेंमंदिरकमेटीकेसमूहसदस्यसहयोगकररहेहैं।