छत्तीसगढ़केऐतिहासिकभोरमदेवशिवमंदिरकोरिसावसेबचानेकीकोशिशशुरूहोगईहै।पुरातत्वविभागकीएकतकनीकीटीमनेमंदिरकीजांचकीहै।सामनेआयाहैकिमंदिरकीछतपरपत्तियांऔरधूलजमाहोनेसेपानीकीनिकासीप्रभावितहुईहै।ज्यादाबरसातकीवजहसेयहपानीपत्थरोंकेजोड़सेहोतेहुएमंदिरकेगर्भगृहऔरमंडपमेंपहुंचरहाथा।बुधवारकोदैनिकभास्करनेइसकीडिटेलस्टोरीप्रकाशितकीथी।इसकेबादसरकारहरकतमेंआई।

संस्कृतिएवंपुरातत्वविभागकेउपसंचालकअमृतलालपैकराकीअगुवाईमेंएकतकनीकीटीमगुरुवारकोभोरमदेवपहुंची।इसमेंपुरातत्वविभागकेसहायकअभियंतासुभाषजैन,उपअभियंतादिलीपसाहू,केमिस्टविरेन्द्रधिवर,मानचित्रकारचेतनमनहरेशामिलथे।कबीरधामप्रशासनकीओरसेकवर्धाSDMविनयसोनी,डिप्टीकलेक्टररश्मिवर्माऔरबोडलातहसीलदारअमनचतुर्वेदीभीमौकेपरपहुंचे।इसजांचदलनेभोरमदेवमंदिरपरिसरऔरआसपासकेक्षेत्रोंकाबारीकीसेनिरीक्षणकिया।मंदिरप्रबंधननेउन्हेंवहजगहदिखाईजहांसेपानीकारिसावहोरहाथा।बतायाजारहाहै,ऐसे16स्थानचिन्हितकिएगएथे,जहांसेपानीमंदिरकेगर्भगृहऔरमंडपमेंभररहाथा।

जांचकेबादपुरातत्वअधिकारियोंनेबताया,पतझड़केमौसममेंआसपासकेपेड़ोंकेपत्तेमंदिरकेऊपरीभागमेंजमगएहैं,जिसकीवजहसेपानीकीनिकासीसहीनहींहोपारहीहै।पुरातत्वविभागनेमंदिरमेंरिसावरोकनेऔरउसकेसंरक्षणकेलिएएकफौरीरिपोर्टबनाकरकलेक्टररमेशकुमारशर्माकोदीहै।इसकेआधारपरमंदिरकारिसावबंदकरनेऔरउसकोमजबूतकरनेकीकोशिशहोगी।कलेक्टररमेशकुमारशर्मानेबताया,इसरिपोर्टकेआधारपरपुरातत्वविभागजल्दीहीमंदिरकीमरम्मतशुरूकरेगा।

खतरेमें'छत्तीसगढ़काखजुराहो'!:भोरमदेवमंदिरकीदीवारोंसेरिसरहाबारिशकापानी,गर्भगृहतकपहुंचा;बर्तनसेभरकरनिकालरहेपुजारी,एकओरकीनींवभीधंसी

यहकरनेकीसिफारिशकीगई

भोरमदेवमंदिरकेसंरक्षणऔरसंवर्धनकीदिशामेंमंदिरकेऊपरीभागकीविशेषसाफसफाईकरनेकोकहाहै।पत्थरोंकेजोड़ोंकोफिरफिलिंगकरनेऔरविशेषकोटिंगकीभीसिफारिशकीगईहै।पुरातत्वविभागकीटीमनेमंदिरकेआसपासकेपेड़ोंकीछटाईकरनेकोभीकहाहै।इसकेअलावामंदिरकेचारोंदिशामेंजमीनकेभीतरनएसिरेसेफिलिंगकरनेकीभीयोजनाबनाईहैताकिनींवकोज्यादामजबूतीमिलसके।

मंदिरकीदीवारोंपरसिंदूर-कुमकुमलगानेकीमनाही

तकनीकीविशेषज्ञोंकीटीमनेमंदिरकेगर्भगृहकीबाहरीदीवारपरचावलऔरकेमिकलयुक्तगुलाल,सिंदूर-कुमकुमलगानेसेमनाकियाहै।SDMविनयसोनीनेबतायाकिइनबातोंकेलिएपहलेसेप्रतिबंधलगायाजाचुकाहै।मंदिरकेमुख्यपुजारीआशीषशास्त्रीनेबतायाकिप्रबंधनसमितिकीओरसेसूचनापटपरइसेलिखाभीगयाहै।

11वींशताब्दीकामंदिर,खजुराहोजैसाशिल्प

कवर्धाजिलामुख्यालयसेकरीब18किमीदूरचौरागांवमेंऐतिहासिकभोरमदेवमंदिरस्थितहै।11वींशताब्दीमेंबनायहमंदिरभगवानशिवकोसमर्पितहै।मंदिरकीबाहरीदीवारोंपरखजुराहोजैसाशिल्पदेखनेकोमिलताहै।इसलिएइसेछत्तीसगढ़काखजुराहोभीकहाजाताहै।यहमंदिरनागरशैलीकाअनुपमनमूनाहै।एकपांचफीटऊंचेचबूतरेपरबनेइसमंदिरमें3ओरसेप्रवेशद्वारहैं।तीनोंसेसीधेमंदिरकेमंडपमेंप्रवेशकियाजाताहै।मंडपकीलंबाई60फीटऔरचौड़ाई40फीटहै।मंडपकेबीच4स्तंभहैंऔरकिनारेकीओर12स्तंभहैं।इनस्तंभोंनेमंडपकीछतकोसंभालरखाहै।इनस्तंभोंपरसुंदरकलाकृतियांहै।

21किलोचांदीसेढकेजाएंगेमहादेव:कवर्धामें11वींशताब्दीकेभोरमदेवमंदिरमेंशिवलिंगकाहोरहाक्षरण,बचानेकेलिएचांदीकाकवचचढ़ानेकीतैयारी