संवादसूत्र,कनीना:सिद्धपीठदुर्गामातामंदिरगढीमहासरमेंकोविडमहामारीकेदोवर्षबाददोअप्रैलसेचैत्रनवरात्रमेलालगेगा।मंदिरकेपुजारीकैलाशचंद,लालचंदवसंजयशास्त्रीनेबतायाकिनवरात्रमेलादसअप्रैलतकचलेगा।नवरात्रमेंप्रतिदिनहजारोंकीसंख्यामेंश्रद्धालुओंकेपहुंचनेकीसंभावनाहै।नवसंवत्सरकीशुरुआतभीदोअप्रैलचैत्रनवरात्रशुरूहोरहीहै।नवमीकापूजनदसअप्रैलकोहोगा।प्रतिपदाकेदिनचंद्रमामीनराशिमेंरहेगा।रेवतीनक्षत्रऔरइंद्रयोगबनरहाहै।शनिवारकेदिननवरात्रकाप्रारंभहोरहाहैजोइसबातकाप्रतीकहैकिमांदुर्गाकाआगमनघोड़ेपरहोरहाहै।माताकीसवारीयुद्धकेहालातकासंकेतदेतीहै।शुभफलकीकामनाकरनेवालोंकोप्रतिपदामेंसुबहसाढेआठबजेतकहरहालमेंघटस्थापनाकरलेनीचाहिए।इसकेबादवैधृतियोगशुरूहोजाएगा।देवीभागवतकेअनुसारयहयोगमांदुर्गाकोबिल्कुलपसंदनहींहै।इसलिएइसमेंकलशस्थापनाकदापिनकरें।इसकेअलावाअभिजीतमुहूर्तकाविकल्पभीहैजोसुबहग्यारहबजकर26मिनटसेदोपहरसाढेबारहबजेतकघटस्थापनाकेलिएरहेगा।मेलेकेदौरानमंदिरकमेटीकीओरसेअटूटभंडारेकाआयोजनकियाजायेगा।इसमेंदूर-दराजसेआयेश्रद्धालुहिस्सालेगें।नवरात्रमेलेमेंमंदिरश्रद्धालुओंकेलिएखुलारहेगा।सुरक्षाव्यवस्थाकोलेकरमेलेमेंजिलाप्रशासनकीओरसेड्यूटीमैजिस्ट्रेटकीनियुक्तिकीजातीहै,वहींपुलिसफोर्सभीमुस्तैदरहतीहै।मंदिरपरिसरमेंकुछलोगोंद्वारारखीगईईंटहादसोंकोजन्मदेसकतीहैं।श्रद्धालुओंनेइनईंटोंकोहटवानेकीमांगकीहै।

माताकेनामसेपड़ागांवकानाम:एककिंवदतिकेमुताबिकराजस्थानकाएकव्यक्तिवर्षोंपूर्वपदयात्राकरनगरकोटमातामंदिरमेंपहुंचताथा।पूजा-अर्चनाकरकेवापिसलौटताथा।एकबारवहपदयात्राकरनगरकोटजारहाथातोथकगयाओरविश्रामकरनेकेलिएवटवृक्षकेनीचेठहरगया।इसेमातानेवहींपरहोनेका²ष्टांतदिया।उसस्थानकीखुदाईकीतोमातामहेश्वरीपिडीकेस्वरूपमेंप्रकटहुई।मातामहेश्वरीकेनामसेइसगांवकानाममहासरपड़ा।

आस्थाकाकेंद्रबना:

अटेलीहलकेकेकनीना-अटेलीमार्गपरस्थितदुर्गामातामंदिरलाखोंश्रद्धालुओंकीआस्थाकाकेंद्रहै।महेंद्रगढ़सहितअन्यसाथलगतेजिलोंकेलोगइनकोकुलदेवीकेरूपमेंमानतेहैं।नवजातशिशुकेमुंडनसंस्कारवनवविवाहितजोड़ेकीओरसेयहांपूजाअर्चनाकरनेकाविधानहै।मंदिरकोकुछवर्षपूर्वनयास्वरूपदियागयाहै,जिसमेंसंगमरमरकापत्थरतराशकरइस्तेमालकियागयाहै।मंदिरकेगर्भगृहकोविस्तारितकियागयाहै।जिसकेस्तंभोंपरकलाकृतिकीगईहै।यहांपरवर्षभरमेंदोबारमेलाचैत्रनवरात्रतथाअश्विनमाहकेशारदीयनवरात्रमेंलगताहै।