छत्तीसगढ़में4लाख41हजारसेअधिकभूमिहीनखेतिहरमजदूरोंनेसरकारसेन्यायमांगाहै।बातराज्यसरकारकेराजीवगांधीग्रामीणभूमिहीनकृषिमजदूरन्याययोजनाकीहोरहीहै।राजस्वएवंआपदाप्रबंधनविभागकीइसयोजनामेंअभीतक4लाख41हजार658आवेदनप्राप्तहोचुकेहैं।आवेदनकीअंतिमतारीखमेंकेवलएकदिनबचाहै।सरकारनेएकसितंबरसे30नवंबरतकआवेदनमंगाएथे।

अधिकारियोंनेबताया,अभीतकमिलेआवेदनोंसेपंजीयनकाकामजनपदपंचायतकेस्तरपरकियाजारहाहै।वहींतहसीलस्तरपरआवेदनोंकापरीक्षणखुदतहसीलदारकररहेहैं।बतायागया,आवेदनोंकापरीक्षणकरपात्रलोगोंकीसूचीतैयारकरग्रामसभामेंप्रदर्शितकीजाएगी।वहांइससूचीपरदावा-आपत्तिमांगाजाएगा।दावा-आपत्तिकेनिराकरणकेबादपात्रलोगोंकीअंतिमसूचीप्रकाशितकीजाएगी।इससूचीमेंआयेलोगोंकोराज्यसरकारइसयोजनाकेतहतसालाना6हजाररुपएकाभुगतानकरेगी।जिनलोगोंनेअबभीआवेदननहींकियाहै,वेमंगलवारतकअपनीग्रामपंचायतमेंहीआवेदनप्रस्तुतकरसकतेहैं।

क्याहैयहन्याययोजना

इसीसालशुरूराजीवगांधीग्रामीणभूमिहीनकृषिमजदूरयोजनाकाउद्देश्यखेतिहरमजदूरोंकोआर्थिकअनुदानसहायताउपलब्धकरानाहै।इसयोजनाकेलिएपात्रपायेगयेलोगोंकोसालाना6हजाररुपएदियेजाएंगे।यहरकमसीधेबैंकखातेमेंट्रांसफरकीजानीहै।सरकारकातर्कहै,इसआर्थिकसहायतासेमजदूरोंकीआमदनीबढ़ेगीऔरवहअपनेपरिवारकीजरूरतोंकोपूराकरसकेंगे।

इनशर्तोंपरमिलेगायोजनाकाफायदा

योजनाकालाभछत्तीसगढ़केऐसेमूलनिवासियोंकोमिलेगा।जिनपरिवारोंकेपासकृषिभूमिनहींहै,ऐसेपरिवारोंमेंचरवाहा,बढई,लोहार,मोची,नाई,धोबीऔरपुरोहितजैसेपारंपरिककामसेजुड़ेलोगोंकोभीइसयोजनामेंशामिलकियागयाहै।पौनी-पसारीव्यवस्थासेजुड़ेपरिवार,वनोपजसंग्राहकतथाशासनद्वारासमय-समयपरनियतऐसेअन्यवर्गभीपात्रहोंगेजिनकेपरिवारकेपासकृषिभूमिनहींहै।