(जागरणविशेष)विडंबना

-फूसकीझोपड़ीयापेड़ोंकेनीचेचलतेहैंकईविद्यालय

-तटबंधकेअंदरएकभीविद्यालयकोनहींहैपक्काभवन

फोटोफाइलनंबर-14एसयूपी-2विमलभारती,सरायगढ़(सुपौल):प्रखंडक्षेत्रकेकईविद्यालयोंकोभवननहींरहनेकेकारणचलते-फिरतेविद्यालयोंमेंनौनिहालोंकेभविष्यगढ़ेजारहेहैं।दर्जनोंऐसेविद्यालयहैंजहांभवननहींरहनेकेकारणपढ़नेवालेबच्चेबरसात,धूपतथाजाड़ेमेंसुरक्षितजगहखोजनेकोमजबूरहोतेहैं।प्रखंडक्षेत्रमें11संस्कृतविद्यालय,छहमदरसा,10उच्चविद्यालय,48मध्यविद्यालयतथा83प्राथमिकविद्यालयहैं।इनविद्यालयोंमेंहजारोंकीसंख्यामेंछात्र-छात्राओंकानामांकनहै।इनमेंसेकईऐसेविद्यालयहैंजोयातोफूसकीझोपड़ीमेंचलतेहैंयाफिरवृक्षकेनीचे।कुछविद्यालयतोचलता-फिरताविद्यालयहै,क्योंकिवहांपढ़नेवालेबच्चोंकाकोईस्थायीठिकानानहींहै।अभिभावकइससमस्याकेनिदानकेलिएबार-बारआवाजउठातेहैंलेकिनकोईसमाधाननहींहोताहै।

नहींहुआहैजमीनकानिबंधन

नवसृजितविद्यालयोंकेलिएकईजगहोंपरलोगजमीनदेनेकेलिएआगेआए,लेकिनउसकानिबंधननहींहोसका।दानकीजमीनकेनिबंधनकेलिएअंचलकार्यालयसेप्रक्रियापूरीकरउसेजिलानिबंधनकार्यालयभेजाजाताहै।बावजूदनिबंधनकीप्रक्रियाहीपूरीनहींहोरहीहै।प्रखंडक्षेत्रमेंकुछजगहतोऐसेहालातबनगएकिपहलेअभिभावकोंनेजिसउत्साहकेसाथजमीनदानमेंदीथीउसेबादमेंवापसलेलिया।इसकारणकईविद्यालयोंकोजमीनउपलब्धनहींहोसकी।फूसकीझोपड़ीमेंपढ़नेकोविवशबच्चेअबधीरे-धीरेदूसरेविद्यालयजानेलगेहैं।

-----------भवनहीनविद्यालयोंकोनजदीककेविद्यालयोंमेंकियागयाटैग

पिछलेवर्षप्रखंडक्षेत्रकेवैसेविद्यालयजिनकेपासअपनाभवननहींथाउसेनजदीककेमध्यविद्यालयोंमेंटैगकरदियागयाथा।शिक्षाविभागकेइसआदेशकेतहतशिवनंदनयादवप्राथमिकविद्यालयगढि़या,राहुलशर्माटोलापिपराखुर्द,महेंद्रसिंहरायधोबीटोलापिपराखुर्द,खापटोलासरायगढ़,सीताराममेहताटोलाकल्याणपुरसहितकईऐसेविद्यालयथेजिसकासंचालनपंचायतकेवैसेविद्यालयमेंहोनेलगाजिनकेपासअपनाभवनतोथालेकिनकुछहीसप्ताहबादविद्यालयसेबच्चेदूरहोगएऔरधीरे-धीरेशिक्षकअपनीपुरानीजगहपरचलेगए।अबतकभवनहीनऔरभूमिहीनविद्यालयअपनी-अपनीजगहहीअवस्थितहै।विद्यालयभवनहीनरहनेकेकारणबच्चोंकीशिक्षापरप्रतिकूलअसरपड़ताहै।

मिश्रीलालपंडित,बद्रीनारायणयादव,राघवेंद्रझा,हजारीप्रसादरायबतातेहैंकिशिक्षाकीनींवप्राथमिकविद्यालयहैलेकिनभवनहीनऔरभूमिहीनविद्यालयोंमेंबच्चेपढ़नेमेंअसहजमहसूसकरतेहैंइसलिएउनकासंपूर्णविकासनहींहोपाताहै।सरकारकोसभीविद्यालयभवनकोपक्काबनानेकीदिशामेंकामकरनाचाहिए।जबबच्चेसुरक्षितबैठनहींसकतेतोवहपढ़कैसेसकतेहैं।कोसीकेइलाकेमेंतोएकभीविद्यालयकोपक्काभवननहींहै।यहदुर्भाग्यहैकिकोसीकेक्षेत्रमेंबच्चोंकोहरवर्षजगहबदलकरअपनीपढ़ाईपूरीकरनीपड़तीहै।इनविद्यालयोंकीहालतदेखिए

-भरोसीसंस्कृतमध्यविद्यालयढोली

अभिभावकरामवृक्षसिंह,बसंतसिंह,दुर्गीलालसिंहनेबतायाकिकुछदिनपहलेयहविद्यालयकोसीनदीसेकाफीदूरथा।पिछलेबाढ़केसमयकोसीकेकटावमेंवहजगहपानीमेंविलीनहोगया।अबविद्यालयकोहटाकरदूसरीजगहपलारपरलेजायागयाजहांबच्चोंकोजानापड़ेगा।-प्राथमिकविद्यालयभुलिया

अभिभावकअजयसिंह,ललितनारायणसिंह,जयकृष्णसिंहनेबतायाकिपहलेयहविद्यालयपांचकिलोमीटरउत्तरचलताथाजहांभुलियाबस्तीभीबसीथी।कोसीकेकटावकेकारणविद्यालयकोबलथरबागांवकीसीमामेंलानापड़ा।अभीवहींअवस्थितहैऔरभुलियागांवकेबच्चोंकोउसीविद्यालयमेंपढ़नेजानापड़ताहै।बतायाकिकोसीनदीकेकटावकेकारणक्षेत्रकेदर्जनोंविद्यालयोंकास्थानबार-बारबदलतेरहताहैजिससेबच्चोंकोपरेशानीहोतीहैऔरइसकाअसरपठन-पाठनपरभीपड़ताहै।--प्राथमिकविद्यालयकटैयाभुलिया

नरसिंहसिंहकाकहनाहैकियहविद्यालयपहलेभुलियागांवमेंस्थापितथा।कोसीनदीनेऐसाकहरढायाकिविद्यालयकोझखराहीगांवकेपासलेजानापड़ा।विद्यालयतोवहांचलागयालेकिनलोगइतनेदूरनहींजासकेक्योंकिवहांजीविकोपार्जनकासाधनउपलब्धनहींहै।हालातयहहैकिविद्यालयमेंएकदर्जनबच्चेभीनहींआतेहैं।