संवादसहयोगी,रानीखेत:फायरसीजनसेपूर्वदावानलकीचुनौतियोंसेनिपटनेकोकसरततेजहोगईहै।खासतौरपरग्रामीणोंकोजंगलातसेभावनात्मकरूपसेजोड़नेकेलिएवनाग्निसुरक्षासप्ताहकेतहतगांवगांवजनचेतनाअभियानचलायाजारहाहै।वनाधिकारियोंवपर्यावरणप्रेमियोंनेपर्यावरण,पेयजलस्रोतवजैवविविधताकोबचानेकेलिएवनक्षेत्रोंकोआगसेसुरक्षितरखनेकासंकल्पदिलाया।

पर्यटननगरीसेकरीब34किमीदूरशीतलाखेतमेंवनाग्निसुरक्षागोष्ठीमेंमिलजुलकरजंगलातबचानेपरजोरदियागया।वनक्षेत्राधिकारीसंचितावर्मानेकहा,जंगलबचेंगेतोजैवविविधता,जलस्रोतवपारिस्थितिकीतंत्रभीबचेगा।उन्होंनेआगसेक्षतिगिनातेहुएबचावकेतौरतरीकेबताए।लोगोंसेवनसुरक्षामेंअहमरोलनिभानेकाआह्वानभीकिया।प्रधानाचार्यजीआइसीसीताराणानेकहा,आगसेवनक्षेत्रोंमेंजड़ीबूटीआदिअनमोलवनसंपदाखत्महोरहीहै।समेकितप्रयाससेहीवनाग्निसेनिपटाजासकताहै।

इनगांवोंसेपहुंचेलोग

वनपंचायतसल्लारौतेला,स्याहीदेवी,चंपाखाली,नौला,खूंट,धामस,खरकिया,मटीला,सड़का,हरड़ाआदि।

येरहेमुख्यरूपसेमौजूद

वनदरोगालक्ष्मणसिंहनेगी,पर्यावरणप्रेमीदिग्विजयसिंहबौरा,अध्यक्षस्याहीदेवीविकासमंचगणेशपाठक,ललितबिष्ट,कैलाशगोस्वामी,गजेंद्रपाठक,पूरनसिंहनेगी,हरीशबिष्ट,भुवननाथगोस्वामीआदि

वनाग्निरोकनेमेंग्रामीणोंकीभूमिकाअहम

द्वाराहाट:भूमिसंरक्षणवनप्रभागकेतत्वावधानमेंचंथरिया,गगास,कुंवाली,गवाड़वतल्लीकाहलीमेंवनाग्निसुरक्षासप्ताहकेतहतगोष्ठीहुई।वक्ताओंमेंजंगलोंमेंआगकीबढ़तीघटनाओंपरचिंताव्यक्तकरतेहुएइसकेरोकथामपरचर्चाकी।वनक्षेत्राधिकारीबालमसिंहअल्मियानेवनाग्निसेवनसंपदावजलस्रोतोंकोहोनेवालेनुकसानवपर्यावरणपरपड़नेवालेप्रतिकूलप्रभावोंकीजानकारीदी।उन्होंनेग्रामीणोंसेवनाग्निरोकनेमेंविभागकेसहयोगकाआह्वानकिया।साथहीआगलगनेकीतत्कालसूचनादेनेकीबातकही।गोष्ठियोंमेंवनदरोगानंदनसिंहनयाल,मोहनसिंहपरिहार,ललितपौड़ियाल,केशरसिंहहरकोटिया,हेमकांडपाल,प्रदीपपंत,कुंदननेगी,वनपंचायतसरपंचदिनेशवर्मा,हरीशपांडे,कैलाशचंद्रसमेतशीलादेवी,नीमादेवी,हरूलीदेवीआदिमौजूदरहे।