संवादसहयोगी,कलानौर:कस्बेमेंनामधारीपंथकेमुखीठाकुरदलीपसिंहकेप्रयासोंसेमनाएजारहेतीनदिवसीयहोलामहल्लेकेमौकेपरधर्मएकतासम्मेलनसफलतापूर्वकसंपन्नहोगया।नामधारीसंप्रदायकीओरसेकिएगएपहलेभारतीयधर्मसम्मेलनमेंभारतकेचारोंधर्मकोएकत्रितकरनेकीपहलकदमीसभीधर्ममेंखुशीकीपहलपाईजारहीहै।गौरतलबहैकिइससेपहलेभीबहुतसारीगतिविधियोंकीपहलनामधारियोंकोकरनेकासौभाग्यमिलाहुआहै।

इसहोलामहल्लासमारोहमेंअमरीकसिंहनेकहाकिकलानौरमेंकईऐतिहासिकस्थानहैं।इसमौकेपरभारतकेचोरोंमुख्यधर्म(हिदू,सिख,बौद्ध,जैन)केआचार्यविशेषतौरपरउपस्थितहुए।चारोंधर्मोकेआचार्यनेसतगुरुदलीपसिंहकीओरसेकिएगएएकताकेप्रयासोंकीप्रशंसाकीऔरपूर्णरूपमेंसमर्थनदिया।महंतश्रीबंसीदासजीमहाराजनेकहाकिहमारेचारोंधर्मोकीपरंपराएंआपसमेंमिलतीहैं।उन्होंनेउदाहरणदेतेहुएकहाकिजैसेचारोंधर्मोकीमालाके108मनकेहैं,उसीतरहचारधर्मभारतीसंस्कृतिकेचारथमहैं।इसकेसहारेभारतीयसंस्कृतिकाछत्रलहरारहाहै।उन्होंनेकहाकिसतगुरुकभीभीस्वार्थीनहींहोते।इससम्मेलनमेंपरमपूज्यदलाईलामाकेप्रमुखटेनजिनशिवांग,लाहौलसपितीसेलंबासफरकरकेविशेषतौरपरशामिलहुए।उन्होंनेभीभारतीयधर्मएकताकापूर्णसमर्थनकरतेहुएबौद्धधर्मकीओरसेभीपूर्णसमर्थनदेनेकाऐलानकिया।उन्हेंचाहेहिदीकमबोलनीआतीहै,लेकिनफिरभीअपनेभावहिदीमेंपेशकिए।जैनमुनीधर्मपूज्यपियूशजीमहाराजसेहतनठीकनहोनेकेकारणखुदनहींआसके।लेकिनउन्होंनेअपनेखाससेवकविमलजैनकोभेजा।उन्होंनेजैनमुनीमहाराजवजैनधर्मकीओरसेहरप्रकारकासमर्थनकरनेकाआश्वासनदिया।तख्तश्रीहरमिदरपटनासाहिबकेजत्थेदारज्ञानीइकबालसिंहनेभीइसप्रयासकीप्रशंसाकरतेहुएकहाकिमेरालंबेसमयसेठाकुरबाबादलीपसिंहकेसाथप्रेमहै,लेकिनवेपहलीबारदर्शनकररहेहैं।ठाकुरदलीपसिंहनेकहाकिहमनामधारीराष्ट्रवादीहैंऔरराष्ट्रवादीहोनेकेनातेभारतीयसंस्कृतिवभारतीयधर्मकीरखाकरनाहमारेगुरुकाआदेशहै।सतगुरुनेकहाकिहमारेभारतीयचारोंधर्मोकामूलसिद्धांतएकहैकिचौरासीलाखयोनीमेंसेबड़ीकठिनाईकेसाथमानवताजन्ममिलाहै।इसजन्ममेंगुरुधारणकरके,नामजपकर,शुभकर्मकरतेहुएजीवनमुक्तहोनाहैऔरजन्ममरनकेचक्करसेछुटकारापानाहै।इसकेसाथहीदया,धर्म,पूर्णजन्म,मुक्तिआदिबहुतसारीबातेंसभीधर्मोकीसांझीहै।इसमौकेपरगुरुकालंगरअटूटलगायागया।इसमौकेपरबीबीराजपालकौर,संतसरैनसिंह,संतशेरसिंह,संतसुरिदरसिंह,संतबलजिदरसिंहबिल्ला,दर्शनसिंह,संतनवतेजसिंह,संतसुरिदरसिंह,संतजीतसिंह,संतजसपालसिंह,बीबीपरमजीतकौर,बीबीहरमनप्रीतकौर,परमजीतकौरवैद,केवलकृष्णआदिउपस्थितथे।