अजयवीरसिंह,शाहजहांपुर:दिव्यांगताकमजोरीहोसकतीहै,लेकिनअभिशापनहीं।संघर्षऔरआत्मबलकेदमपरसफलताकीइबारतभीलिखीजासकतीहै।इसकथनकोसचसाबितकररहेहैजिलेकेविकासखंडतिलहरकेमुहल्लाउमरपुरनिवासीदोनोंपैरसेदिव्यांगआसिमखान।जिनकीजिंदगीमेंमहजसातसालकीउम्रमेंहीसड़कहादसेसेअंधेराछागयाथा।बड़ीबहनकासाथमिलातोखुदशिक्षितबनकरगरीबबच्चोंकोनिशुल्कशिक्षादेनाशुरूकरदिया।

तीनअप्रैल2002यहवहतिथिववर्षहैजबआसिमहंसतेखेलतेलखनऊ-दिल्लीराष्ट्रीयराजमार्गस्थितअपनेखेतपरपिताकेसाथगन्नाखानेजारहेथे।इसीदौरानतेजरफ्तारट्रकजोरदारटक्करमारतेहुएआसिमकेपैरोंकेऊपरसेनिकलगया।डॉक्टरनेघुटनेसेनीचेतककेदोनोंपैरकाटकरजानबचाईथी।करीबएकसालतकहंसताखेलतायहशख्समकानमेंकैदहोकररहगया।ऐसेमेंपिताजमीलखांनेधीरे-धीरेबेटेकोसहारादेनाशुरूकिया।कुछदिनोंबादआसिमनेफिरसेपढ़ाईकीइच्छाजताईतोपितानेहामीभरदी,लेकिनकामकीव्यवस्ताकीवजहसेनियमितबेटेकोविद्यालयतकलेजानामुश्किलथा।ऐसेमेंबड़ीबहननिशानेव्हीलचेयरकेसहारेविद्यालयपहुंचानाऔरवहांसेलेकरआनेकीजिम्मेदारीउठाई।बहनकासाथमिलनेकेबादकक्षाआठतककीपढ़ाईपूरीकरली।इसकेबाददोस्तोंकीबदौलतस्नातककीपढ़ाईपूरीकरनेकेबादबरेलीसेएमसीएकीपढ़ाईकररहेहै।

माहौलदेखदेनेलगेनिश्शुल्कशिक्षा

आसिमनेबतायाकिआस-पासकामाहौलदेखगरीबबच्चोंकोनिश्शुल्कशिक्षादेनेकीकईसालपहलेठानलीथी।अब20सेअधिकबच्चेकक्षाएकसेआठतककेनियमितउनकेपासपढ़नेपहुंचरहेहैं।

योग्यतासेमिलारोजगार

आसिमकीयोग्यतासेप्रभावितहोकरउनकेपड़ोसीवसीमनेअपनेफर्नीचरवइलेक्ट्रानिककेकारोबारमेंपार्टनरबनालिया।आर्थिकतंगीकीवजहसेउन्होंनेबैंकसेलोनलेनेकेलिएभागदौड़शुरूकी,लेकिनकामयाबीनमिलनेपरअपनेकईसाथियोंसेउधाररुपयेलेकरयहकारोबारशुरूकरदिया।जिससेपिताकोभीसहारामिलगया।

2018मेंकैंटस्थितमैदानमेंट्राईसाइकिलकीरेसमेंपहलास्थानहासिलकिया।विद्यालयोंमेंभीकईप्रतियोगिताओंमेंपहलास्थानहासिलकरमिशालपेशकरचुकेहै।

येभीबनेआत्मनिर्भर

सत्यमप्रेमगौतम,आदेशसिंह,अनित,मुकेशकुमार,प्रमोदकुमार,शिवमसिंह,मिश्रीलाल,गूंगा,जौहरीलाल,रफीक,शोएबअहमद,रामभरोसे,उत्तमकुमार,आफताबखान,प्रमोदकुमारप्रजापति,शब्बन,पुनीतसिंहजैसेतमामनामजिलेमेंऐसेहै।जोदिव्यांगहोनेकेबादभीकिसीनकिसीकामकीबदौलतकामयाबीहासिलकरचुकेहैं।जिलाप्रशासनइनदिव्यांगोंकोकाबिलियतदेखकरमोटराइज्डट्राईसाइकिलदेकरसम्मानितकरचुकाहै।