वैशाली।सोनपुरकेनारायणीतटपरअवस्थितअतिप्राचीनबाबाहरिहरनाथमंदिरकीछटामहाशिवरात्रिकीतिथिकोअलौकिकऔरनिरालीहोजातीहै।ऐसालगताहैजैसेसाक्षातदेवाधिदेवमहादेवअपनेसारेगुणोंकेसाथइसपावनभूमिपरउतरगएहो।वैसेतोदेशकेविभिन्नहिस्सोंमेंभगवानशिवऔरविष्णुकीअलग-अलगअनेकमंदिरहैलेकिनहरिऔरहरकादेवदुर्लभसंयोगकेवलइसीमंदिरकोप्राप्तहै।एकहीविग्रहमेंहरिकेरूपमेंएकतरफभगवानश्रीहरिनारायणदिखाईपड़तेहैंतोदूसरीतरफत्रिलोककेस्वामीभगवानशंकरनजरआतेहैं।

कहतेहैंकिपृथ्वीपरयहइकलौतामंदिरहैजहांएकहीलिगमेंहरिऔरहरदोनोंहैं।मंदिरकेमुख्यअर्चकबतातेहैंकिशिवअजन्माहैवहसंहारकभीहैं।इन्हेंआशुतोषभीकहाजाताहै।अर्थातअल्पअवधिमेप्रसन्नहोजानेवालेएकमात्रादेवतायहीहै।इन्हेंप्रसन्नकरनेकेलिएमहाशिवरात्रिकीतिथिकोजोभक्तगंगाजलकेसाथबेलपत्रएवंभांगधतुराअर्पितकरतेहैं।उनकासंपूर्णमनोरथपूर्णहोताहै।यहीनहींरोगीआरोग्यहोताहै।इसतिथिकोव्रतरखनेसेकठिनसेकठिनकामनापूर्णहोतीहै।भगवानविष्णुऔरशिवएकदूसरेकेपूरकहै।भगवाननारायणकोभीनाथकीउपाधिमिलीहुईहै।गुजरातऔरआंध्रप्रदेशमेंवेहरिहरनारायणकेरूपमेंपूजेजातेहैं।वहांउन्हेंकुलदेवतामानाजाताहै।

उन्होंनेमहाशिवरात्रिकीतैयारियोंपरप्रकाशडालतेहुएबतायाकिइसदिनमंदिरमेंसंपूर्णवैदिकविधिविधानकेसाथविवाहउत्सवसुसंपन्नकरायाजाताहै।इसकेपहलेभगवानशिवकामंदिरप्रांगणमेंमरवामटकोड़एवंहल्दीकलशकाविधानवैदिकमंत्रोच्चारकेबीचकियाजाताहै।सामाजिकपरंपराकानिर्वहनकरतेहुएभगवानशिवकेमरवामटकोड़केबादभक्तजनोंकोभोजनकरायाजाताहै।यहसारीप्रक्रियामंदिरन्याससमितिकेतत्वधानमेंसंपन्नहोताहै।महाशिवरात्रिकेअवसरपरसोमवारकोयहांसेबाबाकीभव्यबारातनिकालीजाएगी।