सीवन(कैथल), दयानंदतनेजा।कैथलसेपटियालाहाईवेपरबसेजिलेकेकस्बासीवनमेंश्रीरामसेअलगहोनेकेबादमातासीतानेवनवासकाटाथा।जिसवनमेंमातासीतारहीं,उसेसियावनकेनामसेजानाजानेलगा,जोआजसीवनहोगयाहै।यहांस्थितस्वर्गद्वारमंदिरएवंतीर्थआकर्षणकाकेंद्रहैं।भगवानरामसेअलगहोनेकेबादमातासीतायहांपररुकीथीं।यहींनहीं,यहांयुद्धकेबादपांडवभीआएथे।यहांपरबनेसरोवरमेंस्नानकियाथा।इसकेसाथहीयहांपरदश्वमेघमंदिरभीस्थितहै।जोमहाभारतकालीनहै।बतादेंकिसीवनगांवकोअबनगरपालिकाकादर्जामिलचुकाहै।यहांकीआबादीकरीब40हजारकीहैऔरकरीब15हजारमतदाताहै।यहगुहलाहलकाकासबसेबड़ानगरहै।

गांवमेंस्थापितहैऔरभीमंदिर

मंदिरमेंशिवालय,बसंतीमाताकामंदिर,दुर्गामाताकामंदिर,श्रीरामदरबार,हनुमानजीकामंदिरहै।नगरमेंइसमंदिरकीबहुतमान्यताहै।ऐसीमान्यताहैकिमातासीताविश्रामकेसमयइसतीर्थपरपेड़काटतीथी।मंदिरकानिर्माण18वींसदीमेंकरायागयाथा।मंदिरकीवास्तुकलाकाकामदेखतेहीबनताहै।यहांशिवालयहीनहींबल्किकृष्णऔरराममंदिरभीबनेहैं।

यहांरणमोचनतीर्थभीस्थापित

नगरनिवासीसंगीतबंसलनेबतायाकिमहाभारतकालकेसमयमेंभीपांचपांडवाेंयहांआकरपूजाकीथी।मंदिरकेसमीपस्थितरणमोचनतीर्थभीहै,जहांमातासीताकावासथा।जबकिमातासीताअक्सरयहांविश्रामकरनेकेलिएआतीथी।मंदिरनगरकेदक्षिणक्षेत्रमेंस्थितहै।यहनगरमेंसौथाजानेवालेमार्गपरस्थितहै।मंदिरकीएकधर्मशालाभीहै।जोस्वर्गद्वारमंदिरकेबगलमेंस्थापितहै।

मंदिरकाजीर्णोद्धारकरवानेकीजरूरत

श्रद्धालुऋषिकेशशर्मानेबतायाकिवर्तमानसमयमेंइसमंदिरकाजीर्णोद्धारकरवानेकीजरूरतहै।मंदिरकेसाथहीएकतालाबहैजोइससमयबहुतदयनीयहालातहै।इसतालाबकाभीकाफीमहत्वहै।क्योंकिमहाभारतकालमेंपांडवोंनेयहांस्नानकियाथा।स्वर्गद्वारमंदिरकेदोघाटहोतेथे,जोअबविलुप्तहोचुकेहैं।वैसेतोयहतीर्थकुरुक्षेत्रविकासबोर्डकेतहतआताहै।वर्ष2008मेंइसप्राचीनऐतिहासिकतीर्थकाअवलोकनकरएस्टीमेटतैयारकरवाकरभीकुरुक्षेत्रविकासबोर्डकोभेजागयाथा,लेकिनतालाबकाजीर्णोद्धार13सालबीतजानेकेबादबावजूदनहींहोपायाहै।