मालिनीअवस्थी। भारतवर्षस्वतंत्रताका75वांअमृतमहोत्सवधूमधामसेमनारहाहै।दमनऔरअत्याचारकेबादभारतमेंलोकतंत्रस्थापितहुआ।पराधीनताकेइसकठिनसमयमेंहमारीलोकचेतनानेराष्ट्रकीअस्मिताकोबचाएरखनेमेंसबसेबड़ीभूमिकानिभाई।हमारेपूर्वजोंनेजिसप्रकारहमारीसंस्कृतिकेमहत्वपूर्णप्रतीकोंकागुणगानवलोकचित्तमेंबसेचरित्रोंकागाथागायनकरजनजागरणकादायित्वसंभाला,वहप्रणम्यहै।ऐसेअशेषदिव्यसाक्ष्यआजलोकगीतोंकेरूपमेंउपलब्धहैं।देखिए,इसलोकगीतमेंकिसतरहअपनेपूर्वजसम्राटोंकापुण्यस्मरणकियागयाहैकिवेआकरभारतकीस्थितिसंभालें-

आवेअशोकचंद्रगुप्तहमरेदेसवामें

लोरवाबहावेदेखितोहरोहवालहोविदेसिया।।

यहकहाजासकताहैकिस्वाधीनताकेलिएसंघर्षरतसमाजनेइनलोकगीतोंकोरचकर,भारतीयआत्मसम्मानकोझकझोरने,जगानेकाकामकिया।

ओजपूर्णस्वरोंसेगूंजाभारत

भारतीयस्वाधीनतासंग्राममेंआमसमाजकीयहसबसेबड़ीआहुतिथी।यहांसबसेपहलेचंदबरदाईकाउल्लेखकरनाप्रासंगिकहोगा।‘पृथ्वीराजरासो’केरचयिताचंदबरदाईमहानशासकपृथ्वीराजचौहानकेअभिन्नमित्रथे।मुहम्मदगोरीकेविरुद्धलिखीगईचंदबरदाईकीएकअमररचनाकापाठघर-घरहोताहै,

चारबांसचौबीसगज,अंगुलअष्टमसान

ताऊपरसुल्तानहै,मतचूकेचौहान।

बारहवींशताब्दीमेंजगनिकनेअमरयोद्धाआल्हाऊदलकीवीरताऔर52युद्धोंकाओजपूर्णवर्णनइसप्रकारकियाहै-

बड़ेलड़इयामहोबावाले,जिनकीमारसहीनाजाए।

एककेमारेदुईमरिजावैं,तीसरखौखायमरिजाए।।

आल्हासुनकायरमानुषकीभीधमनियोंमेंरक्तप्रवाहितहोनेलगता।गुलामीकादंशझेलरहेउत्तरभारतमेंघर-घरआल्हागाएजानेलगे।उसीकालखंडकेआल्हाकीयेपंक्तियांदेखें,जहांस्पष्टकहागयाकि,

जिनकेबैरीसम्मुखबैठेउनकेजीवनकोधिक्कार,

खटियापरिकेजौमरिजैहौ,बुढ़िहैसातसाखकोनाम,

रनमामरिकेजौमरिजैहौ,होइहैजुगन-जुगनलौंनाम।।

स्वाभिमानकेराग

मध्यकालतकभारतमेंमुगलोंकाशासनस्थापितहोचुकाथा।आहतभारतीयसमाजकाआत्मबलटूटचुकाथा।ऐसेमेंभारतीयसंस्कृतिकेजागरणकासबसेबड़ाकामगोस्वामीतुलसीदासजीनेकिया।‘पराधीनसपनेहुसुखनाही’-ऐसेहीगोस्वामीजीकेमुखसेनहींनिकलाथा।वहप्रत्यक्षदेखरहेथेकिएकपराजितसमाजकामनोबलकैसाहोताहै।गोस्वामीजीकीकृति‘श्रीरामचरितमानस’हरभारतीयकास्वाभिमानरागबनगई।श्रीरामऔरभगवानकृष्णकोकेंद्रमेंरखसंस्कारगीतगाएजानेलगे।शिशुकाजन्महो,बटुककाजनेऊहो,विवाहहो,रामकेसोहर,लगन,बन्नेगीतगाएजानेलगे।तबकेराजनीतिकऔरसामाजिकसंघर्षसेसंबद्धकुछलोकगीतआजभीगाएजातेहैं।मुगलशासकोंकेअत्याचार,मुगलोंसेसतीत्वकीरक्षाहेतुभारतीयनारियोंकाआत्मबलिदानलोकगीतोंमेंबड़ीमार्मिकरूपसेव्यक्तहुएहैं।कुसुमाकीप्रसिद्धकथायाबैरागियानालाप्रसंगआजभीगाएजातेहैं।

संस्कृतिकाजयघोष

अपनीसंस्कृति,धर्मऔरपहचानकोआनेवालीपीढ़ीनभूले,इसलिएपूर्वजोंनेपौराणिकचरित्रोंकीगाथाओंपरगीतरचेवकहानियांकहीं।यहीगाथाएंलोकगीतबनकरपांडवानी,आल्हाबिरहा,नौटंकी,पवारा,स्वांगभक्तिपदोंवअनेकविधाओंकेरूपमेंनईपीढ़ीकोसौंपदिएगए।शिव-पार्वती,श्रीराम,भगवानकृष्ण,हनुमानकीकथाओंकेसाथ-साथसत्यवादीहरिश्चंद्र,सतीअनसूया,ध्रुव,भक्तप्रहलाद,श्रवणकुमार,सावित्री,वीरअभिमन्युआदिकीकथाएंगीतोंकेरूपमेंढलकरलोककंठमेंसमागईं।येगीतअपनेआपमेंशास्त्रथे,शिक्षाथी,प्रेरणास्पदगाथाएंथी,जिन्हेंसुनकरसमाजकामनोबलबढ़ा।एकउदाहरणदेखिए-

जहांजनमलिएविधिहरिमहेशअहै

अइसनईदेशअहैना।

जहांजन्मेंकृष्णराम

धर्मभाषाजहांतमाम

नित्यगुनगावतगिरिजागणेशअहै

वीरअर्जुनकतीरलक्ष्मणवालीलकीर

गीतागौतमकजहांउपदेशअहै

अइसनईदेशअहैना।।

भारतीयराजाओं,सामंतों,जमींदारोंवव्यापारियोंयानीसमर्थवर्गनेभलेहीगुलामीस्वीकारकरलीथी,किंतुग्रामसमाजनेपराधीनताकभीनहींस्वीकारकी।राणाप्रतापऔरशिवाजीउनकेआदर्शथे।उनकेअंतसमेंस्वतंत्रताकेस्वरप्रचंडथे,मुखरथे।उनकाआक्रोशऔरस्वाभिमानभारतवासियोंकोललकारतेहुएगांव-गांवगूंजा।जहांयेगीतआजभीसुनाईदेतेहैं-

जहवारहिनजनमावीरपरतापसिंह,

औरौचौहानसेसपूतरेफिरंगिया

देसवाकीखातिरजेमरिमिटीगए,

तबहूनमथवाझुकाएरेरिंगिया।

वहीदेसवामआजअइसनअधमभये

चाटथेबिदेसियाकैलातरेफिरंगिया।

इसीप्रकारलंबेसमयसेचलीआरहीपराधीनताऔरऊपरसेब्रिटिशसरकारकीनीतियोंकेकारणजनताकीआर्थिकस्थितिजर्जरहोगईथी।नईभूमिव्यवस्थानेकिसानोंकीदशाशोचनीयबनादीथी।देसीउद्योग-धंधोंकाविनाशहोगयाथा।हजारोंलोगबेरोजगारहोगएथे।फलस्वरूपसभीवर्गोंमेंअसंतोषथाऔरलोकगीतोंमेंयहखूबदिखताहै-

होइगइलेकंगालहोविदेशीतोरेरजवामें

भारतकेलोगआजदानाबिनातरसेंभइया

लंदनकेकुत्ताउड़ावेमाजामाल,होबिदेसिया।

शौर्यगाथाओंकोमिलेसुर

1857मेंदेशअंग्रेजोंकेखिलाफसंगठितहोएकस्वरमेंउठखड़ाहुआ।पहलीबारदेशकोमुक्तिकीआशानजरआई।इससंग्रामकेनायक-नायिकाओंकीवीरगाथालोकगीतोंकेमाध्यमसेफूटपड़ी।यहीवजहहैकिबाबूकुंवरसिंह,तात्याटोपे,नानाजी,रानीलक्ष्मीबाई,बेगमहजरतमहल,मंगलपांडेयसेलेकरतमामनायकोंपरलोकगीतमिलतेहैं।राणावेणीमाधव,बलभद्रसिंह,अजीजनबाईजैसेअनेकानेकगुमनामनायकोंकीशौर्यगाथाएंभीसमाजनेरचदीं।उनकेरचेयेगीतआल्हा,बिरहा,कजरी,झूमर,पूर्वी,दादराकेरंगमेंउतरकरचहुंओरफैलगए।अमरशहीदमंगलपांडेयकेशौर्यकीसुगंधआल्हाबिरहामेंखूबमिलतीहै,एकआल्हामेंबखानदेखिए-

मंगलपांडेअमरसपूतकै

आजअमरदास्तांसुना।

बैरकपुरमांरहिनसिपाही,

बहुतरहिनबलवानसुना।

इसकेबादबिहारकेदानापुररेजिमेंट,बंगालकेबैरकपुरऔररामगढ़केसिपाहियोंनेभीबगावतकरदी।बाबूकुंवरसिंहनेअपनेसेनापतिमैकूसिंहएवंभारतीयसैनिकोंकानेतृत्वकिया।27अप्रैल,1857कोदानापुरकेसिपाहियोंभोजपुरीजवानोंऔरअन्यसाथियोंकेसाथआरानगरपरबाबूवीरकुंवरसिंहनेकब्जाकरलिया।वीरकुंवरसिंहकीवीरताकेबारेमेंभोजपुरीमेंअथाहलोकसंपदामिलतीहैं-

लिखिलिखीपतियाकेभेजलनकुंवरसिंह

ऐसुनअमरसिंहभायहोराम।

चमड़ाकेतोड़तादातसेहोकाटेकि

छतरीकेधरमनसायहोराम।

झांसीकीरानीलक्ष्मीबाईआदर्शहैंसभीमहिलाओंकेलिए।अपनीवीरताकेकिस्सोंकोलेकरवहकिंवदंतीबनचुकीहैं-

होइगयीझांसीकैरानीहोराम

झांसीनदेबैप्रानदैदेबय

रानीपरनइहैठानीहोराम

गोदीकैपूतकौंपीठियाबाधि

देखातरवारिकैपानीहोराम

छक्काछूटिगयेअंग्रेजनकै

जुगजुगअमरकहानीहोराम।।

स्वतंत्रतासंग्रामसेलेकरस्वतंत्रतामिलनेतकहमारेदेशकीलोकचेतनालोकगीतोंकेद्वाराहमारीराष्ट्रीयअस्मिताकोइसीप्रकारसिक्तकरतीरही,झकझोरतीरही।लोकगीतोंमेंजैसीप्रखरराष्ट्रीयचेतनादेखतीहूं,दंगरहजातीहूं।एकझूलाकजरीदेखें-

कितनेवीरझूलेभारतमेंझुलनवा

झुलाइसबेईमानझूलना..

जालियाबगियामेंझूले

मांकेकितनेहीलाल

सुभाषचंद्रबोसलाल

झूलागांवगायेआजादीकेतरनवा

झुलाइसबेईमानझूलना

हंसकरतखतपेझूले

झांसीवालीझूली

अमरबलिदानियोंकेत्यागकेबारेमेंसभीजानतेहैं,लेकिनफांसीपरझूलनेकीत्रासदीकोझूलेकाबिंबदेकरएकराष्ट्रीयचेतनाकीकजरीरचदेनाएकचकितकरदेनेवालाअद्भुतप्रयोगहै।लोककीबानगीदेखिए।यहांफांसीकेफंदेको,बेईमानझूलनाकहागयाहै।सचहीतोहै,लोकचेतनाशहीदोंकीशहादतपरसिसकतीनहीं,कथाबुनतीहैआनेवालीपीढ़ियोंकोसुनानेकेलिए।

ऊधमसिंहनेलंदनमेंजनरलडायरकोमारकरजलियांवालाकांडकाप्रतिशोधलियाथाऔरआजतकउनकीवीरताकजरीमेंस्मरणकीजातीहै-

घुसकेमाराउधमसिंहलंदनमें,डायरकोमारा।

नाहरजाकायरकोमारा,बदलालियानिडरहोमाराना।

अत्याचारोंकोकियाअभिव्यक्त

आजकीपीढ़ीकेलिएकल्पनाभीकठिनहैकिश्रेष्ठताग्रंथिकेअहंकारसेभरीब्रिटिशसरकारनेउनकेपूर्वजोंपरकैसे-कैसेजुल्मढाएहैं।ऐसेमेंकुछलोकगीतोंकोसुनकरयहसहजहीसमझाजासकताहैकिअंग्रेजोंकेअत्याचारोंकीक्यारवानगीरहीहोगी।लोकगीतोंमेंयहपीड़ाऔरक्षोभकैसेदीखताहै-

देसवाकेलागिहमसहबेकलेसवा।

कठिनविपतियामेंभारतदेसवारामा।

अंखियासेबरसतगंगाजमुनवा,

ओहिदेसवाकेहमकरबैउधरवारामा

चाहेदेहियाकेहोईजईहेबलिदनवा।।

एकदिलचस्पलोकगीतमिलताहैजिसमेंअंग्रेजोंकेफैलतेप्रभावकेप्रतिचिंतातोदिखतीहीहै,अपनीबोली,अपनीसंस्कृतिकेउद्धारकीफिक्रभीदिखतीहै-

फिरंगियासेदेसवाबचायाभगवान

बोलियातड़ातड़बोलैफिरंगिया

हमरेदेसवाकैबोलियाबचावाभगवान।

स्त्रियोंकाअटलसंकल्प

आजयहमानाजाताहैकिस्त्रियांसशक्तवआत्मनिर्भरहैंजबकिसचतोयहहैकिभारतकीआजादीकीलड़ाईमेंमहिलाओंनेजैसीबहादुरी,संगठनऔरपहलदिखाईहै,वहअद्भुतहै।उससमयकेलोकगीतोंमेंभारतकीनारीकाप्रखरस्वरसुनाईदेताहै।रानीलक्ष्मीबाई,झलकारीबाई,अजीजनबाईबेगमहजरतमहलनेयदियुद्धकेमैदानपरमोर्चासंभालातोदेशकीआमनारीभीपीछेनहीरहीं।महात्मागांधीकेआह्वानपरविदेशीवस्त्रोंकीहोलीजलातीहुईवेगाउठीं-

मतलइहोचुनरियाहमारविदेसी,ओबालमा

हैहुक्मगांधीकाचरखाचलाइये

करोस्वदेसीपरतनमनवार।

महात्मागांधीइसस्वतंत्रताआंदोलनकेऐसेजननायकबनकरउभरे,जिनकाप्रभावगांव-गांवमेंफैलगयाऔरघर-घरआजादीकेगीतगाएजानेलगे।चरखा,आत्मनिर्भरभारतकाप्रतीकबनगया।स्त्रियांकहउठीं-

सखियांसबमिलिचरखाचलावहुजगपलटावहुहो।

मंचसेहीसीधामोर्चा

लेखकोंकवियों,गायकोंवकलाकारोंनेपूरेजोशकेसाथअपनीकलाकेमाध्यमसेआजादीकीजंगलड़ी।आलमयहथाकिएकबारएकनौटंकीकेमंचनकेदौरानगीतकेइनबोलोंकोसुनकानपुरशहरमेंगोरोंनेविद्रोहकेडरसेकार्यक्रमरुकवादियाथा-

बताएंतुम्हेंहमकिक्याचाहतेहैं

गुलामीसेहोनारिहाचाहतेहैं।

अजीऐसेजीनेपेसौबारलानत

वतनकेलिएहममरनाचाहतेहैं।।

देशकीआत्माउसकीलोकसंस्कृतिमेंवासकरतीहै।इतनेदीर्घसंघर्षकेबादआजहमस्वतंत्रताकासुखलेपारहेहैंतोउसकाबहुतबड़ाश्रेयलोकस्वरलोककंठकोजाताहै।बनीरहेयहलोकचेतना!

(लेखिकाप्रख्यातलोकगायिकाहैं)