जागरणसंवाददाता,औरैया:जिंदगीकाबड़ामोलतोहैही।जलभीअनमोलहै।पेयजल,सिंचाईवदैनिककार्योकोसरलतासेकरनेकेलिएइसकीमहतीभूमिकाहोतीहै।प्रकृतिकेइसअनमोलउपहारकोहमेंहरहालमेंसहेजनाहोगा।पानीकीएक-एकबूंदकोसंरक्षितकरनेकाउपक्रमकरनाहोगा।क्योंकिजलहैतोकलहै।जलकीमहत्ताजाननीहैतोशहरकेप्रसिद्धकालीमंदिरजरूरजाएं।यहांपानीकीएक-एकबूंदकोसहेजाजाताहै।वहभीविगत25वर्षसे।हाथ-पांवधोनेकेलिएयहांनललगेहैं।पेयजलकीभीउत्तमव्यवस्थाहै।पानीउपयोगकरनेवालेस्थानसेमंदिरकीफुलवारीतकक्यारियांबनाईगईहैं।ताकिअनुपयोगीपानीफूल-पत्तियोंकीभरपूरसिंचाईकरसकें।इसमेंमंदिरकमेटीकेसदस्योंकाभीबड़ायोगदानहोताहै।कहसकतेहैं,जलकीअसलकीमतजाननाहोतोलोगकालीमातामंदिरजरूरजाएं।

शहरस्थितप्रसिद्धकालीमातामंदिरपरपिछले25वर्षोंसेजलकीएक-एकबूंदकोसहेजनेकाकामकमेटीकेलोगकररहे।यहांदर्शनार्थआनेवालेभक्तोंकेहाथवचरणधोनेकेलिएजोपानीकीटोटियांलगाईगईहैं।इनसेपानीबर्बादनहो,इसकेलिएसेवादारभीहरसमयमंदिरमेंतैनातरहतेहैं।भक्तोंकेउपयोगीजलसेमंदिरपरिसरमेंफुलवारीलहलहारही।जिसमेंकईरंगोंकेगुलाब,गुड़हल,बेला,चमेलीआदिकईप्रकारकेफूलखुशनसीबहैं,जोमंदिरमेंस्थापितदेवी-देवताओंकेगलेकाहारवचढ़ावाबनतेहैं।कमेटीकेउपाध्यक्षराजासिंहपरिहारबतातेहैंकियहांआनेवालेभक्तइसपहलकोप्रेरणाकेरूपमेंलेकरजातेहैं।अपनेघरोंकेदैनिकउपयोगकाजलसंचयनपरगंभीरभीहैं।कमेटीकेवरिष्ठसदस्यराजेंद्रतिवारीकाकहनाहैकिमंदिरकमेटीकीसदस्यताग्रहणकरतेहीउन्होंनेपर्यावरणवजलसंरक्षणकासंकल्पलियाथा।आजवहयहांआनेवालेभक्तोंकोप्रकृतिकेतत्वोंकोधरोहरकेरूपमेंसहेजनेकेलिएप्रेरितकरतेहैं।

पानीकीहरएकबूंदकोबचानाजरूरीहै।इससोचकेसाथमंदिरपरिसरमेंइसअनूठीपहलकीशुरुआतकीगईथी।पानीकादुरुपयोगनहो,ऐसाकोईकार्यनहींकरनाचाहिए।

-राजेंद्रतिवारी,मंदिरकमेटीकेसदस्य(फोटो-6)

प्रकृतिकीधरोहरकोसहेजकररखनाजरूरीहै।पानीकीबर्बादीनहो,उसकासदुपयोगहमेशाहोसके।इसदिशामेंहरकिसीकोसोचनाचाहिए।

-राजासिंहपरिहार,मंदिरकमेटीकेउपाध्यक्ष(फोटो-7)