जागरणसंवाददाता,आजमगढ़:उम्र65केपार,घरकोलघाटगांव,पेशापल्लेदारीऔरठिकानातमसाकेमोहटीघाटस्थितशिवमंदिर।कभीनियमितपूजाकरतेथेलेकिनअबदूरसेहीप्रणामलेकिनजुबांपरहरसमयशिवकानाम।निहारतेरहतेहैंतमसाकीधाराऔरकहतेहैंकियहभीशिवकीजटासेहीनिकलीहैं।यानीवहतमसाकोगंगामानतेहैं।आस्थाइतनीकिबड़े-बड़ेबोल्डरकोलाकरमंदिरकेकिनारे-किनारेरखकरउसेकटानकेखतरेसेबचालिया।अबपल्लेदारीमिलीतोठीकवरनापूरादिनशिवमंदिरकेपासहीगुजारदेतेहैंलालतानिषाद।

कोलघाटगांवकेलालतानिषादकीभीकहानीऐसीकिलोगउसपरविश्वासनहींकरते।वहकहतेहैंकिशुरूसेहीस्नानकरनेमोहटीघाटपरआताथा।लगभगडेढ़दशकपहलेसपनेमेंशंकरभगवाननेदर्शनदेकरकहाकिमैंमंदिरमेंहीहूंलेकिनहरसालबाढ़मेंमंदिरपरखतरामंडराताहै।उसकेबादतोउन्होंनेमंदिरकीसुरक्षाकीठानीलेकिनउसकेलिएक्याकियाजाए,यहसमझमेंनहींआरहाथा।उसीसमयतमसाकिनारेबनेबांधकोबाइपासमार्गबनानेकाकामशुरूहुआऔरउसकेकिनारेलगेबोल्डरइधर-उधरबिखरगए।समझमेंआयाकिमंदिरकेचारोंतरफअगरइसबोल्डरकोलगादियाजाएतोमंदिरसुरक्षितहोजाएगा।एक-एककरसभीबोल्डरउठालाएऔरमंदिरकेचारोंतरफलगादिया।अबमंदिरबाढ़मेंभीसुरक्षितहै।

लालतानिषादआजभीकर्ममेंविश्वासरखतेहैंऔरठेलालेकरमंडीजातेहैं।मजदूरीमिलगईतोठीकवरनाशिवकानामलेकरचलदेतेहैंघर।भोजनकेबादफिरवहीशिवमंदिरऔरशामतकबैठकरमनमेंशिवकानामलेतेरहतेहैं।