जागरणसंवाददाता,पिथौरागढ़:पिथौरागढ़जिलादेशमेंशहादतदेनेवालेजवानोंकीसंख्यामेंकाफीआगेहै।कारगिलयुद्धमेंभीजिलेकेचारजवानोंनेदेशकीरक्षाकेलिएअपनासर्वाेच्चबलिदानदिया।जिलेसेकिशनसिंहभंडारी,गिरीशसिंहसामंत,कुडंलबेलालऔरजवाहरसिंहशहीदहुएहै।कारगिलयुद्धकेबाइसवर्षोमेंपरिवारइसजख्मसेतोउबरगएहैंपरंतुशहीदोंकेनामपरहुईघोषणाएंअभीअधूरीहैं।

कारगिलशहीदोंमेंजिलामुख्यालयसे25किमीदूरस्थितजजुरालीगांवनिवासीलांसनायककिशनसिंहभंडारीकारगिलयुद्धमेंदुश्मनोंसेलोहालेतेशहीदहोगएथे।शहादतकेसमयउनकीपत्नीतनुजाकेअलावादोपुत्रियांऔरडेढ़वर्षकापुत्रथा।परिवारकोपरवरिशदेनेवालादेशसेवाकोसमर्पितहोगयाथा।शहीदकीपत्नीतनुजाकोअपनाजीवनअंधकारमयलगरहाथा।बच्चोंकेभविष्यकीखातिरसंरक्षककेरूपमेंससुरपूर्वसैनिकमानसिंहभंडारीकेसंरक्षणमेंशहीदपरिवारटूटनेकेबादउबरगया।सरकारद्वारामिलीमिलीमददसेऔरअपनेप्रयासोंइसपरिवारनेअपनेकोउबारलिया।

देवलथलतहसीलकेक्षेत्रउड़ईगांवनिवासीहवलदारगिरीशसिंहसामंतकारगिलयुद्धमेंअदम्यसाहसकापरिचयदेतेहुएशहीदहुएथे।उनकीशहादतकेबादपरिवारपरदुखोंकापहाड़आगया।शहादतकेसमयशहीदकीपुत्रीमोनिकाऔरपुत्रअमितइतनेछोटेथेजोपिताकेशहीदहोनेकाअर्थभीनहींसमझतेथे।परिवारकासहाराछिनगयाथा।शहीदकीपत्नीशांतिकेसमक्षसंतानोंकीपरवरिशऔरजीवनकीकठिनचुनौतियांथी।पतिकीशहादतकेबादवहकईदिनोंतकसदमेमेंरहीं।बादमेंइसवीरागंनानेखुदकोसंभालतेहुएबच्चोंकीपरवरिशकरउच्चशिक्षादिलाई।

तहसीलपिथौरागढ़केबेलालगांवनिवासीकुंडलसिंहबेलालमात्र23वर्षकीउम्रमेंदेशकीरक्षाकेलिएशहीदहोगएथे।अभीजीवनशुरूहोनाथाउससेपूर्वहीकुंडलनेदेशकीरक्षाकेलिएअपनासर्वोच्चबलिदानदेदिया।माताकूनादेवीऔरपितारामसिंहबेलालपुत्रकीशहादतकेबादबुरीतरहटूटगएथे।भाईप्रकाशबेलालनेजैसेतैसेमाता,पिताऔरपरिवारकोसंभाला।कारगिलयुद्धमेंशहीदजवाहरसिंहकेपरिवारजनोंनेभीतमाममुश्किलोंकेबादअपनेकोसंभाला।