संवादसहयोगी,बंगाणा:क्षेत्रकेमलांगड़स्थितशिवमंदिरमेंरामकथाचलरहीहै।शनिवारकोश्रद्धालुओंनेमंदिरमेंमाथाटेकाऔरकथावाचकडॉ.सुमनशर्माकेप्रवचनोंकारसपानकिया।प्रवचनकरतेहुएडॉ.सुमननेकहाकिभक्तिमेंडूबकरहीप्रभुकेदर्शनकिएजासकतेहैं।प्रभुकेप्रतिसमर्पणकीभावनाहोनीचाहिए।हमजितनाप्रभुकानामजपलेंगे,वहींहमारेकामआएगा।क्योंकिनिष्कामभक्तसदैवप्रभुकोप्यारेलगतेहैं।ऐसेभक्तोंकास्मरणप्रभुस्वयंकरतेहैं।

रामकथाअमृतसामानहै।इसकेश्रवणमात्रसेमनुष्यकेकष्टधुलजातेहैं।इससेसुखकीअनुभूतिहोतीहैऔरमनकेविकारभीदूरहोतेहैं।उन्होंनेकहाकिपरमेश्वरनेहमेंयहशरीरदूसरोंकीभलाईकेलिएदियाहै।हमेशासच्चाईकेरास्तेपरचलें।सभीसेमैत्रीपूर्णव्यवहारकरें।जोकड़वाबोलेगाऔरसदैवबुराईकरेगा,उसकाफलउसीकोभोगनाहै।ऐसाहमारेशास्त्रोंमेंकहागयाहै।मनुष्यमोहमायारूपीजालमेंफंसाहै।जबकिमोहमायाकालीरातकेसामानहै।मनुष्यकोमोहमायासेबचनाहै।इससेबचनेकाएकमात्ररास्ताप्रभुभक्तिहै।उन्होंनेमहिलाओंसेकहाकिवेअपनेबच्चोंकोअच्छेसंस्कारदें।संस्कारसेहीबच्चेकेभविष्यकीनींवपड़तीहै।कथाकेउपरांतश्रद्धालुओंनेप्रसादग्रहणकिया।इसमौकेपरमंदिरकमेटीकेबंताराम,प्रकाशचंद,किशोरीलाल,रमेशडोगरा,राकेशशर्मा,देवराजशर्मा,सीताराम,कर्मीदेवी,राकेशकुमार,रमेशचंद,पुन्नाराम,सतीशडोगरा,प्यारेलालसमेतकईश्रद्धालुउपस्थितरहे।