मोतिहारी।कुंडीयगायत्रीकथाहमेंमोक्षकामार्गदिखाताहै।कलयुगमेंमोक्षप्राप्तिकेलिएगायत्रीकथासेअच्छाकोईसाधननहींहै।जीवोंकेबीचसन्मार्गकीभावनाजागृतहोतीहै।उक्तबातेंकोलकातासेआएकथावाचकस्वामीअनिलकुमारसिंहनेपताहीप्रखंडक्षेत्रकेपंचगछियागांवमेंआयोजिततीनदिवसीयकुंडीयगायत्रीमहायज्ञकेशुभारंभकेमौकेपरबुधवारकोकही।उन्होंनेकहाकिमहायज्ञसेसमरसताकायमहोतीहैऔरदुर्गुणएवंव्यभिचारदूरहोताहै।उन्होंनेश्रोताओंकोगायत्रीभजनयागायत्रीकथाकाश्रवणकरनेकीअपीलकी।कथाकीर्तनसेश्रद्धालुभावविभोरदिखे।इसकेपूर्वपंचगछियागांवस्थितहनुमानमंदिरपरिसरमेंआयोजितपांचकुंडीयगायत्रीमहायज्ञकोलेकरभव्यकलशयात्रानिकालीगई।इसमें501कन्याओंनेभागलिया।बड़काबलुआगांवकेकछुआमोतियानदीकेत्रिमोहानसंगमघाटपरजलबोझीकी।कलशयात्रामेंशामिललोगनएवस्त्रधारणकरझूमतेथिरकतेरहे।घाटपरगायत्रीपरिवारशांतिकुंजहरिद्वारकेआचार्यअनिलकुमारसिंहकेमंत्रोच्चारणकेबीचलोगोंनेजलबोझीकिया।तीनदिवसीययज्ञकेअंतिमदिनशनिवारकोगायत्रीमहायज्ञएवंविभिन्नसंस्कारअन्नप्राशनआदिकार्यक्रमहोंगे।यज्ञमेंयजमानकेरुपमेंगणेशपांडेयएवंग्रामीणमौजूदहैं।कलशयात्रामेंपताहीपूर्वीपंचायतकेमुखियाकृष्णमोहनकुमारसिंह,जिलापरिषदगुड्डूसिंह,अरुणकुमारसिंह,मुरारीकुमार,पिटूकुमार,पवनकुमार,शिवशंकरपांडेय,आशुतोषकुमार,रामप्रकाशपांडेयआदिलोगमौजूदथे।

----महायज्ञकेशुभारंभसेपूर्व501कन्याओंनेजयकारेकेसाथनिकालीभव्यकलशशोभायात्रा