संवादसहयोगी,रूपनगर:रूपनगरकेगांधीमेमोरियलस्कूलमेंजिलालिखारीसभानेकविदरबारकरवाया।इसदौरानकुरालीकेसाहित्यकारचंचलसिंहतरंगभीमौजूदरहे।एडवोकेटसुरेशभ्योराकीअध्यक्षतामेंकविदरबारमेंरिटायर्डप्रिसिपलनिर्मलसिंहमुख्यअतिथिकेरूपमेंशामिलहुए।इसदौरानचंचलसिंहकीपुस्तकोंकाविमोचनकियागया।इनमेंश्रीगुरुनानकदेवमहाराजकीशिक्षाओं,सिद्धांतों,साखियोंतथाश्रीगुरुगोबिदसिंहकीजीवनीपरआधारितपुस्तकेंहैं।तरंगनेकहाकिउनकापुस्तकेंलिखनेकामकसदपाठकोंकोगुरुघरोंकेसाथजोड़नावलोगोंकोमर्यादामेंरहनेकेलिएप्रेरितकरनाहै।मुख्यअतिथिनिर्मलसिंहनेकहाकिपंजाबीसभ्याचारकीपुस्तकोंकेपाठकोंकाकमहोनाबड़ीचिंताकाविषयहै।भ्योरानेकहाकिलेखकोंनेअध्यात्मिकसोचकेमाध्यमसेहमेशाहीसमाजकोसहीदिशादिखानेवसमाजकेनैतिकस्तरकोऊंचाउठानेकाकामकियाहै,जिसकेलिएलेखकचंचलसिंहबधाईकेपात्रहैं।कविदरबारकेदौरानसुरिदरकौरसहितमनदीपरिपी,दविदरहीर,नीलूहर्ष,ज्ञानीईशरसिंह,हरदीपसिंह,भरपूरसिंह,तरसेमसिंह,गुरनामसिंहबिजली,राहुलशुक्ला,सुरजीतजीत,शामसिंह,अमरजीतकौरमोरिडा,जसविदरसिंह,दविदरहीरतथाभुवनेशकुमारीआदिनेअपनीअपनीरचनाएं,गीतवगजलेंसुनातेहुएकविदरबारकोयादगारबनाया।मंचकासंचालनसुरजनसिंहनेकिया।