संवादसहयोगी,फतेहगढ़साहिब:व‌र्ल्डओंटारियोफ्रेंड्सक्लब,कनाडानेश्रीगुरुग्रंथसाहिबव‌र्ल्डयूनिवर्सिटी,फतेहगढ़साहिबकेसहयोगसेलघुकहानीसंग्रह'फलक'काविमोचनसमारोहऔरकवितापाठकाआयोजनकियागया।समारोहमेंमुख्यअतिथिकेरूपमेंशिरोमणिगुरुद्वाराप्रबंधककमेटीकेकार्यकारीसदस्यसुरजीतसिंहकंगनेशिरकतकी।समारोहकीअध्यक्षताविश्वविद्यालयकेकुलपतिडा.प्रितपालसिंहनेकी।डा.एसएसटिवेटिया,कुलपति,नीलमविश्वविद्यालय,कैथलविशिष्ठअतिथिथे।

सुरजीतसिंहकंगनेअपनेभाषणमेंकहाकिइसतरहकेआयोजनसिखोंऔरपंजाबीजोकिसमुद्रकेपारऔरभारतकेविभिन्नहिस्सोंमेंरहतेहैं,कोजोड़नेमेंबहुतउपयोगीसाबितहोतेहैं।इसअवसरपरअपनेसंबोधनमेंकुलपतिडा.प्रितपालसिंहनेकहाकिस्वस्थसमाजकेनिर्माणमेंसकारात्मकसाहित्यकाबहुतबड़ायोगदानहोताहै।उन्होंनेपंजाबकेलेखकोंसेपंजाबकीसमस्याओंजैसेपर्यावरणीयमुद्दों,निम्नजलस्तर,दहेजप्रथाऔरअन्यसामाजिकबुराइयोंपरसाहित्यबनानेकाआग्रहकिया।डा.गुरसेवकसिंहलंबी,निदेशकयुवाकल्याण,पंजाबीविश्वविद्यालय,पटियालाऔरडा.हरिसिंहजचक,अध्यक्ष,परमदीपसिंहदीपमेमोरियलसोसायटी,लुधियानाविशिष्ठअतिथिकेरूपमेंउपस्थितथे।कनाडाकेओंटारियोफ्रेंड्सक्लबकेअध्यक्षरविंद्रसिंहकंगनेसभीगणमान्यलोगोंकास्वागतकिया।कार्यक्रमकोसफलबनानेकेलिएक्लबकीकोरकमेटीकेमहासचिवरविंद्रसिंहकंग,पंजाबइकाईकीअध्यक्षडा.अमनप्रीतकौरकंग,दीपरत्ती,उपाध्यक्षडा.सतिदरजीतकौरबुट्टरकेसाथपवनजीतकौरप्रोग्रामिगअधिकारीऔरकार्यकारीअधिकारीगोल्डीसिंहनेएकसाथकामकिया।समारोहकेअंतमेंश्रीमतीकंवलदीपकोचरनेसभीकाधन्यवादकिया।