किशनगंज।चैतीनवरात्राकेअंतिमदिनशनिवारकोमांदुर्गाकेनवमरूपमांसिद्धिदात्रीकीपूजाकीगई।मंदिरोंमेंसुबहसेहीभक्तोंकीभीड़लगीरही।पूजाअर्चनाकेबादसुबहआठबजेकीआरतीऔरसंध्यासातबजेकीआरतीमेंलोगोंकाभीड़उमड़तीरही।पूजाअर्चनाकेबादसुबह11बजेसेलेकरदोपहरएकबजेतकमंदिरपरिसरमेंभक्तोंद्वाराकन्याओंकोभोजनकरायागया।इसकेबादइनकेचरणछूकरआर्शीवादलिए।

पंडितउमाकांतनेबतायाकिमांदुर्गाकीनौवींशक्तिकानामसिद्धिदात्रीहै।इनकेपूजामात्रसेभक्तोंकोसभीप्रकारकीसिद्धियांप्राप्तहोजातीहै।ऐसीमान्यताहैकिशास्त्रीयविधिविधानऔरपूर्णनिष्ठाकेसाथसाधनाकरनेवालेसाधककोसभीसिद्धियांप्राप्तहोतीहै।मार्कण्डेयपुराणकेअनुसारआठप्रकारकीसिद्धियांहोतीहै।इनमेंअणिमा,महिमा,गरिमा,लघिमा,प्राप्ति,प्राकाम्य,ईशित्वऔरवासित्वशामिलहैं।मांसित्रिदात्रीकीचारभुजाएंहैं।इनकावाहनसिंहहै।माताकमलपुष्पपरभीआसीनहोतीहैं।इनकीपूजाकरनेवालेभक्तोंकोअनंतदुखरूपसंसारसेनिर्लिप्तरहकरसभीप्रकारकेसुखोंकाभोगकरताहुआमोक्षकोप्राप्तकरताहै।शहरीक्षेत्रकेमंदिरऔरपंडालमेंसंध्यापांचबजेसेहवनकियागया।इसहवनमेंबड़ीसंख्यामेंभक्तगणशामिलहुए।वहींसुभाषपल्ली,पश्चिमपालीदुर्गामंदिर,नेपालगढ़कॉलोनीदुर्गामंदिर,खगड़ादुर्गामंदिर,धर्मगंजदुर्गामंदिर,राधाकृष्णमंदिरऔरशीतलामंदिरमेंमांदुर्गाकेदर्शनकेलिएश्रद्धालुओंकीभीड़लगीरही।