कैमूर।प्रखंडकेदुर्गावतीबाजारस्थितमांदुर्गाकीअतिप्राचीनमंदिरतकजानेवालारास्ताअतिक्रमणकीचपेटमेंहै।जिसपरकिसीकाभीध्याननहींजारहाहै।मंदिरकेदक्षिणतरफएनएचदोहै।वहींपूरबतरफदुकानलगानेवालोंनेसड़कपरपूरीतरहअतिक्रमणलियाहै।उत्तरतरफबाजारसेबाहरजानेवालीसड़ककेकिनारेभीदुकानदारोंनेमांदुर्गाकेमंदिरपरिसरकोपूरीतरहघेरकेरखदियाहै।जिससेश्रद्धालुओंकोआनेजानेमेंपरेशानियोंकासामनाकरनापड़ताहै।दूरसेमांदुर्गाकामंदिरबिल्कुलदिखाईनहींदेताहै।यहतोप्रखंडमेंस्थितएकमंदिरकीस्थितिहै।प्रखंडमेंऐसेकईमंदिरहैंजिनकीजमीनपरअतिक्रमणहै।इसकेअलावामंदिरोंकीसुरक्षाव्यवस्थाभीठीकनहींहै।प्राचीनमंदिरहोनेकेकारणयहांभक्तोंकीकाफीभीड़होतीहै।मंदिरपरिसरकेआगेकाफीजगहखालीहै।जिसपरस्थानीयलोगोंनेअवैधकब्जाकरदुकानखोलरखाहै।जिससेलोगोंकोमंदिरदर्शनकरतेसमयअपनीगाड़ीखड़ाकरनेकेलिएभीजगहनहींमिलतीहै।मंदिरकेपुजारीसेपूछेजानेपरउन्होंनेबतायाकियहअतिक्रमणबारबारहटताहैऔरफिरकुछसमयबादपुन:यहींआकरबसजाताहै।जिसकाकोईइलाजअभीतकस्थाईरूपसेनहींहोसकाहै।