जागरणसंवाददाता,गया।मांसंकटामंदिरमेंप्रतिदिनश्रद्धालुओंकीभारीभीड़रहतीहै।शहरवग्रामीणक्षेत्रसेश्रद्धालुयहांआकरपूजा-अर्चनाकरतेहैं।अभीनवरात्रकेदिनोंमेंमांकेसमक्षकलशस्थापनाकरपूजा-अर्चनाकीजारहीहै।मांकापूजनकरनेसेघरोंमेंशांति,सुखवधनकीवृद्धिहोतीहै।साथहीमांसभीसंकटोंकोसमाप्तकरदेतीहैं।

मंदिरकाइतिहास

मंदिरकेनिर्माणकेबारेमेंकिसीकोकोईपतानहींहैकिकबहुआहै?कुछलोगकहतेहैंकिमंदिरद्वापरकालकाहैतोकुछकहतेहैंकिमांमंगलागौरीमंदिरकेनिर्माणकेसमयइसमंदिरकाभीनिर्माणहुआथा।मान्यताहैकिमहाभारतयुद्धमेंपांडवोंकोविजयदिलानेकेलिएभगवानश्रीकृष्णनेमांसंकटासेसहायतालीथी।

मंदिरकीवास्तुकला

मंदिरकीवास्तुकलापूरीतरहसेशक्तिपीठकेआकरकीहै।मंदिरकेगर्भगृहकादरवाजाकाफीछोटाहै।पूजा-अर्चनाकेलिएश्रद्धालुओंकोकाफीझुककरगर्भगृहमेंजानापड़ताहै।मंदिरमेंबड़ेकालेपत्थरकाशिवङ्क्षलगस्थापितथे।

कैसेपहुंचेंमंदिर

मंदिरशहरकीदक्षिणदिशामेंलखनपुरामेंफल्गुनदीकेतटपरस्थितहै।साथहीगया-मानपुरबाईपासमार्गसेसटाहै।श्रद्धालुओंकोमंदिरतकपहुंचनेमेंकिसीप्रकारकीपरेशानीनहींहोगी।विष्णुपदमंदिरकीतरफसेभीश्रद्धालुमंदिरमेंपहुंचसकतेहैं।

पुजारीविंदेश्‍वरीपांडेयनेबतायाकिश्रद्धाभावसेमांसंकटाकीपूजाकरनेसेमनोकामनापूर्णहोतीहै।यहांमांकीपूजालालवस्तुसेकरनेकीमान्यताहै।मांकेदरबारसेकोईभीश्रद्धालुखालीहाथनहींलौटतेहैं।

श्रद्धालुपुष्‍पाकुमारीकहतीहैं,मांसंकटाकीपूजा-अर्चनाप्रत्येकदिनकरतीहूं।नवरात्रमेंनौदिनोंतकमांकीविशेषपूजाकरतेहैं।मांकीकृपासेमेरेपासआजसबकुछहै।श्रद्धाभावसेपूजाकरनेसेमांसभीकेसंकटदूरकरदेतीहैं।