संवादसहयोगी,कोसली:

कोसलीगांवनिवासी102वर्षीयस्वतंत्रतासेनानीमंगलसिंहकीआंखोंमेंआजभीनेताजीसुभाषचंद्रबोसकानामसुनतेहीचमकआजातीहै।उनकीदेशभक्तिकाअंदाजाइसीबातसेलगायाजासकताहैकिएकबारविदेशीसेनाकेएकसिपाहीनेहिदुस्तानकेबारेमेंअभद्रटिप्पणीकरदीथीतोबर्मा(म्यांमार)कीसेंट्रलजेलमेंबंदआजादीकेपरवानेआजादहिदफौजकेसिपाहीकोसलीनिवासीमंगलसिंहनेउसकीधुनाईकरदीथी।जेलरमौकेपरपहुंचातोमाफीमांगनेकेलिएकहा,लेकिनमंगलसिंहनेमनाकरदिया।इसपरउनकोएकसप्ताहभूखारखागया,लेकिनउनकाहौसलाकमनहींहुआ।

20वर्षकीआयुमेंहोगएथेसेनामेंभर्ती:

पिताछाजूरामवमातारामकौरकेपरिवारमेंतीनभाई-बहनोंमेंसबसेबड़ेमंगलसिंहगांवमेंलोगोंसेनेताजीसुभाषचंद्रबोसकानामसुनतेथे।तभीसेउन्होंनेसेनामेंभर्तीहोनेकामनबनालियाथातथा20वर्षकीआयुमेंसेनामेंभर्तीहोगएथे।मंगलसिंहकेअनुसारउससमयब्रिटिशसेनामेंभर्तीहोनाआसानथा।इसलिएनेताजीतकपहुंचनेकेलिएअगस्त1940मेंवहब्रिटिशसेनामेंशामिलहोगए।इसीदौरानअंग्रेजोंकीजापानकेसाथलड़ाईहोगई।1945मेंउन्हेंअन्यसाथियोंकेसाथसिगापुरसेबर्माकीसेंट्रलजेलमेंबंदकरदियागया।जहांवहकरीबछहमाहजेलमेंबंदरहेतथायातनाएंसही।इसदौरानउन्होंनेअन्यकैदियोंकेसाथमिलकरबगावतकरदी।नेताजीसुभाषचंद्रबोसउनसेमिलनेगएऔरसभीकोजेलसेआजादकराया।जेलमेंहीनेताजीकेसाथदेशकेलिएकामकरनेकीइच्छाजताई।इसकेबादसेनेताजीकेसाथआजादीकीजंगमेंशामिलहोगए।इसदौरानवहसिगापुर,मलेशिया,बर्मा,थाईलैंड,पाकिस्तानवचीनदेशोंमेंगए।देशकीआजादीकेबादवर्ष1948मेंवहफिरसेनामेंभर्तीहोगए।करीब25सालतकदेशकीसेवाकी,इसदौरानपाकिस्तानवचीनकेसाथहुएयुद्धोंमेंभागलिया।1976मेंसेनासेसेवानिवृत्तहोगए।सेवानिवृत्तिकेबादउन्होंनेछहमाहहरियाणापुलिसमेंभीसेवाकी।वहपूर्वप्रधानमंत्रीइंदिरागांधी,हरियाणाकेपूर्वमुख्यमंत्रीदेवीलालऔरबंसीलाल,पूर्वराष्ट्रपतिप्रणवमुखर्जीववर्तमानराष्ट्रपतिरामनाथकोविन्दद्वारासम्मानितकिएजाचुकेहैं।