मथुरा,जेएनएन।गंगादशहराकेअगलेदिननिर्जलाएकादशीपरभीगुरुवारकोकृष्णनगरीमेंदान-पुण्यकाजमकरसिलसिलाचला।श्रद्धालुओंद्वाराउपवासरखागया।तड़केहीयमुनामेंस्नानकरमंदिरोंमेंपूजाअर्चनाकी।जगह-जगहशर्बतकीप्याऊलगाईगई।पानीकेमटके,फलआदिदानकरपुण्यकमायागया।रालोदनेताओनेभूतेश्वरमहादेवमंदिरपरसाधु,संत,गरीबोंमेंखरबूज,तरबूजवशर्बतकावितरणकिया।वरिष्ठनेतापवनचतुर्वेदी,छात्ररालोदकेप्रदेशउपाध्यक्षबिश्बैंदचौधरी,दिगंबरसिंहपौनिया,अनिलपचेहराआदिमौजूदरहे।श्रीजीमहाराजट्रस्टकमेटीकीओरसेश्रीजीमंदिर,पराम्बाश्रीविद्यापीठगताश्रमटीलामेंश्रीयंत्रराजमहाराजकाजलबिहारकार्यक्रमहवन,ललितासहस्त्रनामकेसाथसम्पन्नहुआ।भोलाबाबामहाराज,महेशचतुर्वेदी,रामकृष्णपाठक,केशवदेवचतुर्वेदी,सुकेशचन्द्रशास्त्री,बांकेलाल,भगवानदास,देवदासशर्माआदिभक्तोंनेआहुतियांदी।

वृंदावनमेंभोरकीपहलीकिरणसेहीयमुनास्नानकोकेशीघाट,श्रृंगारवटघाट,जुगलघाटऔरबिहारघाटपरश्रद्धालुपहुंचनेलगे।इसकेबादपंचकोसीयपरिक्रमाकीऔरठा.बांकेबिहारीसमेतअनेकमंदिरोंमेंदर्शनकरदान-पुण्यकिया।

सुरीरमेंठंडेपानीएवंशरबतकीप्याऊलगाईगई।पं.भूपेंद्रशास्त्रीकेमुताबिकइसदिनदान-पुण्यकाविशेषमहत्वहै।प्राचीनराधाबल्लभमंदिरमेंजलयात्राकीझांकीसजाईगई।गोवर्धनस्थितमुकुटमुखारविदमंदिरकीभव्यताअपलकनिहारनेपरमजबूरकरतीरही।सेवायतसौरवशर्मानेगिरिराजजीकास्वर्णिमआभूषणोंसेश्रंगारऔररिसीवररमाकांतगोस्वामीनेपुष्पमहलबनवाया।सेवायतलक्ष्मीनारायणनेबहुमूल्यआभूषणधारणकराए।जतीपुरागिरिराजजीकेचारोंतरफखसकीदीवारबनाकरविराजमानप्रभुकोखरबूजा,लस्सी,माखनमिश्रीकाभोगलगाया।सेवायतगोपेन्द्रगोस्वामी,देवेन्द्रगोस्वामी,अविनाशकृष्ण,रोहित,मोहित,लक्ष्मीनारायन,रीतागोस्वामी,पूनम,वनबिहारी,कृष्णकांतआदिमौजूदथे।

बरसानामेंभक्तोंकातांतालाडिलीजीमंदिरमेंउमड़पड़ा।दर्शनदेनेकेलिएबृषभानुदुलारीभीजगमोहनमेंविराजमानथी।श्रद्धालुओंखरबूजावपंखादानकियाजारहाथा।श्रद्धालुगहवरवनकीपरिक्रमालगारहेथे।