जागरणसंवाददाता,सोनीपत:नवरात्रकेछठेदिनश्रद्धालुओंनेमांकात्यायनीकीउपासनाकी।श्रद्धालुसुबहहीमाताकेमंदिरोंमेंपहुंचे।वहांविधि-विधानसेपूजाकरमांसेआशीर्वादमांगा।शहरकीसुनारोंवालीगलीस्थितश्रीदेवीचिटानेवालीमातामंदिर,कालीमातामंदिर,माडलटाउनस्थितनवदुर्गामंदिरसहितअन्यदेवीमंदिरोंमेंश्रद्धालुओंकातांतालगारहा।

माडलटाउनस्थितनवदुर्गामंदिरकेपुजारीरामकृष्णपाठकनेबतायाकिमहर्षिकात्यायननेआदिशक्तिकीकठोरतपस्याकीथी,जिसकेबादमांनेपुत्रीरूपमेंउनकेयहांजन्मलेनेकावरदानदियाथा।ऋषिकात्यायनकेघरजन्मलेनेकेकारणहीमांकोकात्यायनीनामसेजानाजाताहै।मांकात्यायनीकीपूजासेकुंडलीकीस्थितिसुधरतीहै।आज्ञाचक्रजागृतहोताहै,जिसकीवजहसेसभीसिद्धियोंकीप्राप्तिसाधककोस्वयंहीहोजातीहै।मांकीउपासनासेशोक,संताप,भयसबनष्टहोतेहैं।आजहोगीमांकालरात्रिकीपूजा:

शहरस्थितचिटानेवालीमाताकेमंदिरकेपुजारीअमितशौनकनेबतायाकिशास्त्रोंकेअनुसारदेवीकालरात्रिकास्वरूपअत्यंतभयंकरहै।देवीकालरात्रिकायहभयउत्पन्नकरनेवालास्वरूपकेवलपापियोंकानाशकरनेकेलिएहै।मांकालरात्रिअपनेभक्तोंकोसदैवशुभफलप्रदानकरनेवालीहोतीहैं।इसकारणइन्हेंशुभंकरीभीकहाजाताहै।मांकालरात्रिकीपूजाकरनेसेव्यक्तिकोशुभफलकीप्राप्तिहोतीहै।आकस्मिकसंकटोंसेरक्षाहोतीहै।मांकालरात्रिकोरातरानीकापुष्पअर्पितकरनेसेवहजल्दप्रसन्नहोतीहैं।