श्रीनागेश्वरनाथमहादेव

नगरकेउत्तरदिशामेंपीरबटावनमुहल्लाक्षेत्रमेंनागेश्वरनाथमंदिरजनमानसकीआस्थाकाकेंद्रहै।यहांपरहरदिनश्रद्धालुजलाभिषेकवपूजनकरतेहैं।सावनकेसोमवारकोशहरकेअलावाआसपासकेग्रामीणअंचलकेलोगभीजलाभिषेककरयहांध्यानयोगकरतेहैं।यहांभव्यसरोवरवविवेकानंदउद्यानभीहै।

इतिहास:नागेश्वरनाथमंदिरकेशिव¨लगकीप्राणप्रतिष्ठाशिवभक्तबंगालीब्राह्माणबाबूसूरजकांतभट्टाचार्यावरामेश्वरभट्टाचार्यानेअपनाअंशदानदेकरवर्ष1873मेंकराईथीऔरमंदिरधर्मशालाकीदेखरेखकाजिम्मागोसाईबलदेवपुरीमहराजपुजारीकोसौंपदिया।मंदिरकाजीर्णोद्धारश्रद्धालुओंकेसहयोगसेसमय-समयपरहोतारहाहै।बलदेवपुरीमहराजकीसातवींपीढ़ीकीचंदादेवीमौजूदासमयमेंमंदिरकीमहंतहैं।

आयोजन:नागेश्वरनाथधाममेंशिवरात्रि,सावनकेसोमवार,कजरीतीजवनागपंचमीआदिअवसरपरपूजा-अर्चनावरुद्राभिषेककेआयोजनहोतेहैं।हरसोमवारकोयहांमेलेजैसादृश्यरहताहै।

नागेश्वरनाथमहादेवकाजलाभिषेककरनेवालेश्रद्धालुओंकोनिराशानहींहोती।सभीकोशांतिऔरसुखकाअनुभवहोताहै।28सालकीआयुमेंपतिकेनिधनकेबादनागेश्वरनाथकेसंरक्षणमेंहीपूरापरिवारपला।इनकीमहिमाकावर्णनशब्दोंमेंनहींकियाजासकता।

-चंदादेवी,महंतनागेश्वरनाथधाम

सावनकेसोमवारकोश्रीनागेश्वरनाथमहादेवमेंजलाभिषेककेलिएनगरहींनहींग्रामीणअंचलसेभीश्रद्धालुयहांपहुंचतेहै।वर्ष2009सेश्रद्धालुओंकीटीमगठितहुई।जिसमेंहरशिवरात्रिमेंविविधआयोजनभीहोतेहैं।जीर्णोद्धारसेमंदिरकोभव्यबनानेकाकार्यकरवायाजारहाहै।

-आनंदगुप्ता,कर्ताधर्ता