जागरणसंवाददाता,हल्द्वानी:एमबीपीजीकॉलेजकेप्राचार्यवचारप्राध्यापकोंपरएकमहिलाप्राध्यापककीओरसेलगाएगएआरोपोंपरकॉलेजकेअधिकांशप्राध्यापकोंनेगहरीनाराजगीजताईहै।शुक्रवारकोबैठककरप्राध्यापकोंनेकहाकिआरोपबेबुनियादऔरनिराधारहैं।इसमामलेकीयथाशीघ्रजांचहोनीचाहिए।

कॉलेजखुलनेकेबादएमबीपीजीकॉलेजशिक्षकसंघकीअध्यक्षडा.शांतिनयालकीअध्यक्षतामेंप्राध्यापकोंकीबैठकहुई।इसमेंवक्ताओंनेकहाकियहप्रकरणनवंबर-दिसंबर,2020काहै।छहमाहबादजुलाई,2021मेंचारित्रिकहननकेआरोपलगानासंदेहव्यक्तकरताहै।प्राध्यापकोंकाकहनाथाकिजबमार्च-अप्रैल,2021कोउच्चशिक्षानिदेशालयकीओरसेजांचकीगईथीतोतबयेआरोपजांचसमितिकेसामनेक्योंनहींरखेगए?बैठकमेंमहिलाशिक्षकोंनेकहाकिहमेंप्राचार्यवपुरुषसहयोगियोंसेमहिलाओंकेप्रतिभेदभाववप्राचार्यकीओरसेकमीशनलेनेजैसीकोईसमस्यानहींरही।

पुरुषशिक्षकोंकाव्यवहारकभीभीअश्लीलवअमर्यादितनहींरहा।हमसभीप्राचार्यवचारअन्यसहयोगियोंपरलगेआरोपोंकाखंडनकरतेहैं।येआरोपमनगढ़ंत,बेबुनियादवपूर्वाग्रहोंसेग्रस्तहैं।इससंबंधमेंकोईजांचहोतीहैतोहमसहयोगकरनेकोतैयारहैं।जांचसमयपरपूरीकिएजानेकीमांगभीकीगईहै,ताकिमहाविद्यालयकीछविधूमिलहोनेसेबचसके।बैठकमेंडा.सेराजमोहम्मद,डा.हेमंतकुमारशुक्ल,डा.संजयकुमार,डा.महेशकुमार,डा.कविताबिष्ट,डा.कमरुद्दीन,डा.एससीटम्टाआदिथे।