जासं,एटा:शून्यनिवेशखेतीकेजनकपदमश्रीसुभाषपालेकरकेशिष्यतथालोकभारतीसंस्थाकेराष्ट्रीयसंगठनमंत्रीबृजेंद्रपालसिंहनेग्रामजवाहरपुरमेंकिसानोंकोप्रशिक्षणदेतेहुएकहाकिभारतमेंहरितक्रांतिकेनामपररासायनिकउर्वरकों,हानिकारककीटनाशकों,हाइब्रिडबीजोंएवंअधिकाधिकभूजलउपयोगसेभूमिकीउर्वराशक्ति,उत्पादन,भूजलस्तरऔरमानवस्वास्थ्यमेंनिरंतरगिरावटआईहै।अत:आवश्यकताहैकिप्राकृतिककृषिपद्धतिअपनानेकीहैजिससेकिसानकोबार-बारबाजारनजानापड़े।

उन्होंनेअधिकलागतऔरअच्छालाभनमिलपानेकीसमस्याकोलेकरकहाकिप्राकृतिकखेतीतथागोआधारितखेतीइससमस्याकासहीहलहै।रासायनिकखादोंकेमोहजालमेंफंसेकिसानोंकोनतोज्यादाआर्थिकलाभहोसकाहैबल्किदेशकेलोगोंकास्वास्थ्यबिगड़हीरहाहै।हरघरमेंएकगाय10से20बीघाअच्छीखेतीकेलिएकाफीहै।गोपालनकरतेहुएखादकीटनाशकदवाओंआदिका90फीसदतकखर्चाबचेगा।उन्होंनेकिसानोंकोप्राकृतिकखेतीकेकईनुस्खेबताए।संयोजकप्रगतिशीलकृषकदुर्वीनसिंहनेभीकिसानोंकोसोचबदलनेकेलिएकहा।मुनिराजकश्यप,फूलसिंह,ओमप्रकाश,उदयवीरसिंह,भोजसिंह,देवेंद्रकुमारसिंह,संदीपसिंह,ओंकार,रामफल,हजारीलाल,चरणसिंह,किशनस्वरूपमिश्राआदिलोगमौजूदथे।