जींद[कर्मपालगिल]-शौक।दोअक्षरोंकाऐसाशब्द,जिसकाकोईमोलनहींहोता।शौककबऔरकिसचीजसेहोजाए,इसकाभीपतानहींचलता।किसानसेबड़ेउद्यमीबनेगांवबोहतवालाके70वर्षीयबुजुर्गचौ.महेंद्रसिंहरेढूकोघोड़ेऔरट्रैक्टररखनेशौकहै।अबउनकेपासछहपुरानेट्रैक्टरऔरपांचघोड़े-घोड़ीहैं।

गांवबोहतवालाकेराजकीयस्कूलकेनजदीकरेढूफार्महाउसपरआपजाएंगेतोचारसेपांचदशकपहलेबंदहोचुकेट्रैक्टरोंकोचमचमातेहुएलाइनमेंदेखकरदंगरहजाएंगे।इनमेंटी-25,डीटी-14,डीटी-28,बेलारूसट्रैक्टरशामिलहैं।महेंद्रसिंहइनट्रैक्टरोंकोपंजाब,उत्तरप्रदेश,राजस्थानसेढूंढ़करलाएहैं।पूरीउम्रजमकरखेतीकरनेवालेमहेंद्रसिंहइनकोकृषिकार्योंमेंप्रयोगनहींकरते।

बैट्रीसेस्‍टार्टहोतेहैंसभीट्रैक्टरबैट्रीसेस्टार्टहोतेहैं,इसलिएइनकीबैट्रीचार्जकरनेकेलिएदो-चारकिलोमीटरतकचलालेतेहैं।ट्रैक्टरोंसेमहेंद्रसिंहकोइतनाप्यारहैकिकिसीदूसरेव्यक्तिकोइनपरबैठनेनहींदेते।सभीट्रैक्टरोंकोबच्चोंकीतरहसंभालकररखतेहैं।लक्ष्यमिल्कप्लांटकेडायरेक्टरबलजीतसिंहरेढूकेबड़ेभाईचौ.महेंद्रसिंहनेदैनिकजागरणसेबातचीतमेंकहाउन्होंनेइनट्रैक्टरोंकोदोसालमेंजमाकियाहै।

कबाड़ीसेखरीदा,महंगाहोगयाटी-25का1970कामॉडलहैऔर1971मेंयहमॉडलबंदहोगयाथा।यहलखनऊआइटीआइसे18हजारमेंकबाड़केभावबिकाथा।पताचलनेपरमिस्त्रीसेखरीदनेगयातोपौनेतीनलाखरुपयेमेंदिया।25हजाररुपयेऊपरखर्चकिए।इसट्रैक्टरपरआजतकएकबारभीचाबीनहींलगीहै।डीटी-14का1968मॉडलहै,जो1970मेंबंदहोगयाथा।इसेउप्रकेसंभलजिलेसेडेढ़लाखरुपयेमेंखरीदाथा।डीटी-28के1963मॉडलकेट्रैक्टरकोपंजाबकेसरहिंदसे2.17लाखरुपयेमेंखरीदाथा।यहमॉडल1964मेंबंदहोगयाथा।बेलारूसट्रैक्टरका1966मॉडलहै,जो1971मेंबंदहोगयाथा।यहट्रैक्टरभीपूरीतरहअनटचहै।महेंद्रसिंहकहतेहैंकिटी-25,डीटी-14,डीटी-28,बेलारूसट्रैक्टररूससेबनकरआतेथे।बादमेंकुछसालटी-25कासामानरूससेआयाऔरयहांअसेंबलकियाजाताथा।

आयशरट्रैक्टरबहुतभाग्यशालीरहाचौ.महेंद्रसिंहकेपास1990मॉडलकाआयशरट्रैक्टरभीहै।वहकहतेहैंकियहट्रैक्टरहमारेलिएबहुतभाग्यशालीरहा।इसकेसाथजमकरखेतीकीऔरबहुतधनकमाया।वहचारभाईहैंऔर28एकड़जमीनथी।तीनअबभीसंयुक्तपरिवारमेंरहतेहैं।छोटाभाईबलजीतलक्ष्यमिल्कप्लांटऔरहैचरीकाव्यवसायसंभालरहाहै।बच्चेभीखेतीऔरबिजनेसमेंअपनी-अपनीभूमिकानिभारहेहैं।अपनेसंघर्षकेबारेमेंमहेंद्रसिंहकहतेहैंकिशुरूमेंदसहजारसेमुर्गीफार्मशुरूकियाथा।आज235एकड़जमीनहैऔरदेशमेंकईजगहहैचरीहैं।लक्ष्यमिल्कप्लांटकोभीलगातारबढ़ारहेहैं।

एकघोड़ावचारघोड़ीचौ.महेंद्रसिंहनेबतायाकिउनकेपासएकघोड़ावचारघोड़ीभीहैं।करनालसेएकघोड़ी1लाख60हजार,एकपंजाबसे5लाखऔरराजस्थानसे1.90लाखरुपयेमेंखरीदीथी।महेंद्रसिंहकहतेहैंकि50-60सालपहलेतोघोड़ीपरहीचलतेथे।उनकेघरमेंतबभीघोड़ीथी।गांव-गुहांडमेंघोड़ोंपरहीजातेथे।इनघोडिय़ोंकीदेखरेखकेलिएएकयुवकभीरखाहुआहै।