ऊखीमठ:मदमहेश्वरघाटीकेरांसीगांवमें15सालबादहोरहेपांडवनृत्यप्रतिदिनलोगोंकेआकर्षणकाकेंद्रबनाहुआहै।प्रतिदिनदूरदराजक्षेत्रोंसेबड़ीसंख्यामेंभक्तयहांपहुंचकरपुण्यअर्जितकररहेहैं।

गत28अक्टूबरसेरांसीमेंशुरूहुएपांडवनृत्यमेंइनदिनोंमदमहेश्वरघाटीकेलोगोंकोअपनीओरआकर्षितकररहाहै।पुजारीप्रतिदिनअस्त्र-शस्त्रोंकीपूजाअर्चनाकेबादहीपांडवपश्वानृत्यकररहेहैं।जोअपनानृत्यदिखाकरलोगोंकोखूबआनंदितकररहेहैं।पांडवनृत्यमेंश्रीकृष्णकीभूमिकाललितपंवार,युद्धिष्ठिरकीउमेदसिंह,भीमकीमुकंदीपंवार,अर्जुनकीकुंवरसिंह,नकुलकीप्रदीपरावत,सहदेवकीकुंवरसिंहखोयाल,द्रोपदीकीपूर्णसिंह,कुंतीकीसुरजीदेवी,भबरीछकीकार्तिकखोयाल,नगार्जुनकीभीमसिंहरावत,कीभूमिकाअदाकररहेहै।ग्रामप्रधानप्रधानकुंतीनेगीनेबतायाकिपांडवनृत्यमें26नवम्बरकोचक्रव्यूहलीलामंचन,17नवम्बरकोपांडवोंकागंगास्नान,28नवम्बरकोगेंडाकौथिकएवं29नवम्बरकोप्रसादवितरणकेसाथपांडवनृत्यकासमापनहोगा।(संसू)