संवादसूत्र,रजरप्पा(रामगढ़):भगवानभोलेनाथकोसमर्पितसावनकापावनमहीनेकीचौथीसोमवारीपररजरप्पाकोयलांचलकेविभिन्नशिवमंदिरोंमेंशिवभक्तोंनेभगवानशिवकाजलाभिषेककरपूजा-अर्चनाकीगई।इसदौरानसावनकेचौथीसोमवारीपररजरप्पाकेआवासीयकॉलोनीस्थितशिवालयमंदिर,चितरपुरकेमहादेवमंडासहितप्रखंडक्षेत्रकेसभीशिवालयमेंशिवभक्तोंनेअहलेसुबहपहुचकरशारीरिकदूरीकापालनकरतेहुएजलाभिषेककरआशीर्वादप्राप्तकियाऔरसुखसमृद्धिकीकामनाकी।कईशिवभक्तोंनेसोमवारीकाव्रतरखकरभीपूरेभक्तिभावसेभोलेनाथकीआराधनाकी।ज्यादातरव्रतियोंनेघरपरहीभगवानभोलेनाथकीउपासनाकी।दरअसलकोरोनासंक्रमणकेडरसेकाफीकमसंख्यामेंभक्तऔरव्रतीमंदिरपहुचरहेथे।इधररजरप्पाकेआवासीयकॉलोनीस्थितशिवालयमंदिरमेंशारीरिकदूरीकापालनकरतेहुएमहिलाओंकोपूजाकराई।पुजारीनीलेशमिश्रानेबतायाकिवैसेतोयहमंदिरआवासीयकॉलोनीहींनहींबल्किआसपासकेलोगोंकेआस्थाकेंद्रबनगयाहै।क्योंकियहांस्थापितशिवलिगमेंलिपटाचांदीकानागदेवताआकर्षणकाकेंद्रहै।इसमंदिरमेंरामसीतावलक्ष्मणसहितकईदेवी-देवताओंकेप्रतिभाभीस्थापितकीगईहै।इसकेकारणहरसुबहयहांपूजाअर्चनाकेलिएभक्तोंकीभीड़लगीरहतीथी।परंतुदेशभरकेमंदिरोंमेंतालाबंदीकेकारणयहांसन्नाटापसरारहताहै।हालांकिजोभीश्रद्धालुयहांपहुंचरहेथे।एकबारमेंपांचमहिलाओंकोहीपूजाकरनेकेलिएप्रवेशकियाजारहाथा।साथहीशारीरिकदूरीकापालनकरतेहुएमास्कलगानेकीभीअपीलकीजारहाथा।