गोपेश्वर,[जेएनएन]:पंचकेदारोंमेंएकचतुर्थकेदारभगवानरुद्रनाथकेकपाटशीतकालकेलिएविधिविधानऔरमंत्रोच्चारकेसाथबंदकरदिएगएहैं।पुजारीहरीशभट्टकेमंदिरकपाटबंदकरनेकेसाथहीउत्सवडोलीरूद्रनाथसेगोपेश्वरकेलिएरवानाहोगर्इहै।एशियामेंनेपालकेपशुपतिनाथमंदिरकेअलावायहएकमात्रमंदिरहै,जहांभगवानशिवमुखरूपमेंविराजमानहैं।

चमोलीजिलेमेंसमुद्रतलसे2286मीटरकीऊंचाईपरस्थितरुद्रनाथधामभगवानशिवकेपरमधामोंमेंसेएकहै।ग्रीष्मकालकेदौरानछहमाहतकरुद्रनाथकेकपाटखुलेरहतेहैं,जबकिशीतकालमेंबाबागोपेश्वरस्थितगोपीनाथमंदिरमेंदर्शनदेतेहैं।रुद्रनाथमंदिरकेपुजारीहरीशभट्टनेबुधवारकोशीतकालकेलिएधामकेकपाटविधिविधानसेबंदकरदिएहैं।इसकेलिएधामकीफूलोंसेसजावटकीगईथी। रुद्रनाथधामकापंचकेदारोंमेंचौथास्थानहै।हालांकि,यात्रीसुविधाओंकेअभावयहांकमहीयात्रीपहुंचपातेहैं,बावजूदइसयात्रासीजनमेंयहसंख्यादसहजारसेअधिकरही।

चतुर्थकेदाररुद्रनाथकीमहिमा

'महाशिवपुराण'मेंउल्लेखहैकिमहाभारतयुद्धकेबादपांडवअपनेकुल,परिवारवसगोत्रबंधु-बांधवोंकीहत्याकेपापसेमुक्तिपानेकेलिएकेहिमालयमेंआएथे।यहआज्ञाउन्हेंवेदव्यासनेदीथी।पांडवसगोत्रहत्याकेदोषीथे,इसलिएभगवानशिवउन्हेंदर्शननहींदेनाचाहतेथे।

केदारनाथमेंमहिष(भैंसे)रूपधारीभगवानशिवजबधरतीमेंसमानेलगेतोपांडवोंनेउन्हेंपहचानलियाऔरभीमनेउनकाआधाशरीरपकड़लिया।तबशिवनेप्रसन्नहोकरपांडवोंकोदर्शनदिएऔरवहसगोत्रहत्याकेपापसेमुक्तहुए।महादेवमहिषकेपृष्ठभागकेरूपमेंकेदारनाथमेंविद्यमानहैं,जबकिउनकाअगलाहिस्सा,जोधरतीमेंसमागयाथा,नेपालकेपशुपतिनाथमंदिरमेंप्रकटहुआ।इसकेअलावाभुजातुंगनाथ,मुखरुद्रनाथ,नाभिमध्यमेश्वरऔरजटाएंकल्पेश्वरधाममेंप्रकटहुईं।इसलिएइनपांचोंधामोंकोपंचकेदारकहागया।

19अक्टूबरकोगोपेश्वरपहुंचेगीउत्सवडोली

सुबहसातबजेमंदिरकेकपाटबंदहोनेकेबादभगवानरुद्रनाथकीउत्सवडोलीगोपीनाथमंदिरकेलिएरवानाहोगी।उत्सवडोलीकापहलापड़ावल्वीटीहै।19अक्टूबरकोडोलीग्वाड़,सकलेश्वरमंदिरहोतेहुएगोपीनाथमंदिरपहुंचेगी।

यहभीपढ़ें:इसदेवीमंदिरतकपहुंचनेकेलिएजानापड़ताहैगुफासेहोकर,जानिए

यहभीपढ़ें:इसमंदिरमेंपहलेदीजातीथीबलि,अबचढ़तेहैंनारियल

यहभीपढ़ें:कन्यारूपमेंयहांकियाथामांकालीनेराक्षसोंकावध,जानिए