लखनऊ,[जितेंद्रउपाध्याय]।शिक्षक,कर्मचारीनियुक्तिसेलेकरपीएचडीदाखिलेमेंगड़बड़ीकोलेकरचर्चामेंरहनेवालेडा.शकुंतलामिश्राराष्ट्रीयपुनर्वासविश्वविद्यालयमेंएकनयामामलासामनेआनेकेबादतत्कालीनकुलपतिऔरपरीक्षानियंत्रककीकार्यशैलीपरसवालउठनेलगेहैं।सूत्रोंकेमुताबिक,लिखितपरीक्षामेंफेलहोनेवालेविद्यार्थियोंकोप्रयोगात्मकपरीक्षामेंमनमानाअंकदेकरपासकरदियागयाहै।पहलेचरणकीजांचमें267मामलेसामनेआएहैं।इसीकेआधारपरतीनवर्षोंमेंपासहोनेवालेसभीविद्यार्थियोंकीजांचशुरूहोगईथी।कुलपतिप्रो.आरकेपीसिंहकीओरसेबनाईगईजांचसमितिकीपड़तालपूरीहोगईहै।

अगलसप्ताहरिपोर्टजारीसौपीजाएगी।हालांकिइसेलेकरविविप्रशासनअभीकुछभीबोलनेकोतैयारनहींहै।नामनछापनेकीशर्तपरअधिकारीनेजांचसमितिबनानेऔरगड़बड़ीकीपुष्टिकीहै।डा.शकुंतलामिश्राराष्ट्रीयपुनर्वासविश्वविद्यालयवसंबद्धकॉलेजोंमेंफेलकोपासकरनेकेखेलकाराजफाशहुआहै।विशेषशिक्षाकेनामपरहुईगड़बड़ी2015से2018केबीचहुईथी।आननफाननजांचसमितिकागठनकरजांचशुरूकरदीगईथी।अबरिपोर्टआनेकेबादकईमामलेसामनेआएंगे।

पीएचडीमेंभीगड़बड़ीकीगईजांचः इससेपहले2014मेंपीएचडीदाखिलेकोलेकरहुईजांचमें63सेअधिकमामलोंमेंनियमोंकोदरकिनारकामामलासामनेआयाहै।इसकीभीजांचपूरीकरलीगईहै।इसमेकईशोधार्थियोंकाशोधभीपूराहोगयाहै।ऐसेमेंअबशोधार्थीअपनेप्रवेशकोलेकरपरेशानहैं।प्रवेशमेंतत्कालीनकुलपतिकेसाथहीपरीक्षानियंत्रककीभूमिकापरसवालखड़ेहोगएहैं।ऐसेमेंअबएकबारफिरआरोपप्रत्यारोपकादौरशुरूहोजाएगा।