सुरेशकामरा,पटियाला

शहरकेएतिहासिकश्रीकालीदेवीजीकेमंदिरकेबाहरबनीपुरानीप्रसादकीदुकानेंशिफ्टहोचुकीहैंऔरअबवहांपरएकनयागेटबनेगा।अबमंदिरकेदोगेटहोंगे।पुरानेगेटसेश्रद्धालुमंदिरमेंजाएंगेऔरमंदिरमेंमाथाटेकनेकेबादनएगेटसेबाहरनिकलेंगे।दरअसलनवरात्रमेंमंदिरमेंलाखोंभक्तमाथाटेकनेआतेहैं।ऐसेमेंएकहीगेटहोनेसेउसेदोभागोंमेंबांटकरभीतरजानेवबाहरआनेकेलिएरास्ताबनायाजाताहै।इसकारणमंदिरमेंभारीभीड़लगजातीथी।इससेश्रद्धालुओंकोकाफीपरेशानीझेलनीपड़तीथी।नयागेटबननेसेइससमस्यासेनिजातमिलजाएगा।

मंदिरकीपुरानीदुकानेंवलंगरभवनकेठीकसामनेनईइमारतबनरहीहै।उसमेंगठरीघर,मंदिरकेआफिस,रेस्तरांऔरआनेवालेश्रद्धालुओंकेलिएआवासहोगा।मौजूदासमयमेंमंदिरकेआफिसमंदिरकेभवनकेसामनेहैंजहांपरमंदिरकेप्रबंधकबैठकरकामकाजकरतेहैं।फिलहालकोईभीगठरीघरनहींहै,नहीकोईअधिकारिकतौरपररेस्तरांहैंऔरनहीश्रद्धालुओंकेलिएठहरनेअथवाबैठनेकाउचितस्थानहै।लोगमंदिरकेबाहरशेडकेनीचेबैठतेहैं।नईबनरहीइमारतपरदोकरोड़30लाख,30हजाररुपयेखर्चहोंगे।

मंदिरकीपुरानी18दुकानेंफुटओवरब्रिज(एफओबी)केसाथशिफ्टहोचुकीहैं।मंदिरकेबाहर14पक्कीवचारकच्चीदुकानेंथींअबवोदुकानेंमंदिरकेबाहरनईबनाकरबदलदीगईहैं।नई18दुकानेंबनाईगईहैंजिसमेंनौऊपरहैंऔरनौदुकानेंनीचेहैं।अस्थायीदुकानोंकोलेकरदुकानदारोंमेंरोष

वहींकुछअस्थायीतौरपरअभीभीदुकानेंपुरानीदुकानोंकेआगेलगाईजारहीहैं।दुकानदारइसपरएतराजजतारहेहैंकिवेदुकानोंकाकिरायाअदाकररहेहैंऔरदुकानोंकेसामनेअस्थायीदुकानेंहोनेसेग्राहकउनकीदुकानोंतकनहींपहुंचरहे।इसबातकोलेकरदुकानदारोंमेंआपसीबहसबाजीभीहोतीरहतीहै,क्योंकिउनकेकर्मचारीश्रद्धालुओंकोप्रसादलेनेकेलिएजबरदस्तीकरतेहुएअपनीदुकानोंतकलेजातेहैंऔरअकसरप्रसादलेनेवालेश्रद्धालुभीपरेशानहोजातेहैं।इसबारेमेंमंदिरकेमैनेजरनवनीतनेकहाकिअस्थायीदुकानोंकोहटानेकेलिएमंदिरकीसिक्योरिटीकोकहागयाहै।नयागठरीघर,शापिगकांप्लेक्स,आफिसनईइमारततैयारहोनेकेबादवहांपरजाएंगे।जहांतकनएगेटकीबातहैइसकाप्रस्तावहै।उसकीमंजूरीसहितफंडआनाबाकीहै।नयागेटबननेसेश्रद्धालुओंकेभीतरजानेवआनेकीपरेशानीदूरहोजाएगी।

नवनीतटंडन,मैनेजरश्रीकालीदेवीमंदिर।