जागरणसंवाददाता,रामपुर:मुन्नीलालकीधर्मशालास्थितराधाकृष्णमंदिरमेंबृहस्पतिवारकोश्रीमदभागवतकथाप्रारंभहुई।इससेपूर्वमहिलाओंनेशहरमेंधूमधामकेसाथकलशयात्रानिकाली,जिसकामार्गमेंजगह-जगहलोगोंनेस्वागतकिया।

मंदिरमेंमुख्ययजमानमंगलशर्मा,किशोरीशर्मानेश्रीमदभागवतग्रंथकाविधि-विधानकेसाथपूजनकिया।इसकेबादहनुमानमंदिरसेधूमधामकेसाथकलशयात्रानिकालीगई,जिसमेंसभीभक्तधार्मिकगीतोंपरझूमतेनाचतेहुएचलरहेथे।कलशयात्राहनुमानमंदिरसेचूनेवालेफाटक,राजद्वारासेहोतेहुएकथास्थलराधा-कृष्णमंदिरमुन्नीलालकीधर्मशालापरजाकरसंपन्नहुई।

इसकेबादवृंदावनसेआएकथाव्यासराधारमणनेश्रीमदभागवतकथाकागुणगानकिया।उन्होंनेकहाकिश्रीमदभागवतशास्त्रनारायणकापरिपूर्णरूपहै।इसलिएयहदिव्यग्रंथहै।यहग्रंथज्ञानयोग,कर्मयोगसमाज,धर्मवराजनैतिकज्ञानकामूलश्रोतहै।इसलिएएकक्षणभीईश्वरचितनकेबिनानहींरहनाचाहिए।जबलौकिकसंबंधोंकाविस्मरणहोताहैतबहीब्रह्मसेसंबंधहोताहै।वासनापुर्नजन्मकाकारणबनतीहै।अंतमेंआरतीकरसभीकोप्रसादवितरितकियागया।

इसमौकेपरमंगलशर्मा,किशोरीशर्मा,ईशुशर्मा,रामकुमारशर्मा,नरेशचंद्रशर्मा,मुनीशशर्मा,नरेशगुप्ता,सुरेशश्रीवास्तव,शशिरस्तोगी,सुमनशर्मा,अंजलिशर्मा,गिरिराजसरन,सीताराम,सुधाशर्मा,पूनमशर्मा,हेमलताशर्मा,बच्चूशर्मा,सिमरनशर्मा,नीलमअग्रवाल,बीनाअ‌र्ग्रवाल,नैनसीराघव,गोपालशर्मा,शिवराजअग्रवाल,नीतूअग्रवाल,भावनाशर्मा,तनुमिश्रा,श्रीराजअग्रवाल,सौरभशर्मा,हरिशंकरशर्मा,ममताशर्मा,छाया,सुभद्राआदिमौजूदरहे।