जागरणसंवाददाता,कोटद्वार:कोटद्वारक्षेत्रकेप्रसिद्धश्रीसिद्धबलीमंदिरमेंदर्शनकेलिएहरदिनश्रद्धालुओंकातांतालगारहताहै।क्षेत्रहीनहींविभिन्‍नराज्‍योंसेश्रद्धालुयहांआकरमन्‍नतमांगतेहैं।खासबातयहहैकियहांहोनेवालेभंडारेकेलिएवर्षोंपहलेबुकिंगकरनीपड़तीहै,यानीआजबुकिंगहोगीतोकुछवर्षबादहीइसपुण्‍यकार्यकरनेकासौभाग्‍यमिलेगा।जिसप्रकारगंगाद्वारमायाक्षेत्रहरिद्वारनामसेप्रचलितहुए,उसीप्रकारकौमुद्रीवर्तमानमेंखोहनदीकेनामसेजानीजानेलगी।इसपौराणिकखोहनदीकेतटपरसिद्धोंकाडांडामेंअवस्थितहैश्रीसिद्धबलीधाम।

डाकविभागनेमंदिरकेनामडाकटिकटभीकियाथाजारी

कोटद्वारनगरसेकरीबढाईकिलोमीटरदूरनजीबाबाद-बुआखालराष्ट्रीयराजमार्गसेलगाहैपवि‍त्रसिद्धबलीधाम।मंदिरकीमहत्ताइतनीअधिककिकोटद्वारहीनहीं,बिजनौर,मेरठ,दिल्लीवमुंबईकेसाथहीकईअन्यक्षेत्रोंसेश्रद्धालुमंदिरमेंपहुंचकरशीशनवातेवमनोकामनाएंमांगतेहैं।

मनोकामनाएंपूर्णहोनेकेउपरांतश्रद्धालुमंदिरमेंभंडारेकाभीआयोजनकरतेहैं।मंदिरकीमहत्ताकाअंदाजाइसबातसेलगायाजासकताहैकिभारतीयडाकविभागकीओरसेवर्ष2008मेंमंदिरकेनामडाकटिकटभीजारीकियागया।इसकेअलावाश्रद्धालुओंकीमंदिरकेप्रतिआस्थाकाहीपरिणामहैकिमंदिरमेंभंडारेकेलिएवर्ष2032तककीएडवांसबुकिंगहोरखीहै।जनवरी,फरवरी,अक्टूबर,नवंबरवदिसंबरमेंमहीनेमेंसामान्यत:प्रतिदिनहीभंडारेकाआयोजनहोताहै।मंगलवार,शनिवारवरविवारकोभंडारेकाआयोजनपूरेवर्षहोताहै।

इसलिएइसस्थानकानामपड़ा'सिद्धबली'

कलयुगमेंशिवकाअवतारमानेजानेवालेगुरूगोरखनाथकोइसीस्थानपरसिद्धिप्राप्तहुईथी।जिसकारणउन्हेंसिद्धबाबाकहाजाताहै।गोरखपुराणकेअनुसार,गुरूगोरखनाथकेगुरूमछेंद्रनाथपवनसुतबजरंगबलीकीआज्ञासेत्रियाराज्यकीशासिकारानीमैनाकनीकेसाथगृहस्थआश्रमकासुखभोगरहेथे।जबगुरूगोरखनाथकोइसबातकापताचलातोवेअपनेगुरूकोत्रियाराज्यकेमुक्तकरानेकोचलपड़े।मान्यताहैकिइसीस्थानपरबजरंगबलीनेरूपबदलकरगुरूगोरखनाथकामार्गरोकलिया।जिसकेबाददोनोंमेंभयंकरयुद्धहुआ।दोनोंमेंसेकोईभीएक-दूसरेकोपरास्तनहींकरपाया,जिसकेबादबजरंगबलीअपनेवास्तविकरूपमेंआगएवगुरूगोरखनाथकेतपो-बलसेप्रसन्नहोकरउन्हेंवरदानमांगनेकोकहा।जिसपरगुरूगोरखनाथनेबजरंगबलीश्रीहनुमानसेइसीस्थानपरउनकेप्रहरीकेरूपमेंरहनेकीगुजारिशकी।गुरूगोरखनाथवबजरंगबलीहनुमानकेकारणहीइसस्थानकानाम'सिद्धबली'पड़ा।आजभीयहांपवनपुत्रहनुमानप्रहरीकेरूपमेंभक्तोंकीमददकोसाक्षातरूपमेंविराजमानरहतेहैं।यहभीमान्यताहैकिइसस्थानपरसिखोंकेगुरूगुरूनानकदेववएकमुस्लिमफकीरनेभीआराधनाकीथी।