संवादसूत्र,चीमामंडी(संगरूर)

हिदकीचादरसेसंसारभरमेंजानेजातेसिखोंकेनौवेंगुरुश्रीगुरुतेगबहादुरसाहिबका400वांप्रकाशदिवसगांवशाहपुरकलांकेगुरुद्वारासाहिबमेंमनायागया।श्रीअखंडपाठसाहिबकेभोगडालेगए।बड़ीसंख्यामेंक्षेत्रकीसंगतनेशिरकतकीऔरश्रीगुरुग्रंथसाहिबजीकोमाथाटेका।कोरोनामहामारीकेचलतेआपसीदूरीकाखासख्यालरखागया।कीर्तनीजत्थेकेबाबाबूटासिंहद्वारासंगतकोगुरबाणीवश्रीगुरुतेगबहारुरसाहिबजीद्वारासंसारकेकल्याणकेलिएकिएगएकार्योंपरप्रकाशडालागया।हेडग्रंथीजरनैलसिंहनेकहाकिगुरुसाहिबउपकारकीमूर्तथे।उन्होंनेकिसीदूसरेधर्मकीरक्षाहेतुभरेबाजारमेंअपनाशीशकटवालियाथालेकिनजुलमकेआगेघुटनेनहींटेके।समागमकीसमाप्तिपश्चातगुरुकालंगरअटूटचलायागया।मौकेपरलोकलप्रबंधककमेटीकेप्रधानभोलासिंह,खजानचीलखवीरसिंह,गुरतेजसिंह,प्रकाशसिंह,दर्शनसिंह,हरबंससिंहसहितबड़ीसंख्यामेंसंगतउपस्थितथी।संगरूरकेश्रीगुरसागरमस्तुआनासाहिब,गुरुद्वारानानकियानासाहिब,सिधानासाहिबमेंभीधार्मिकसमागमकरवाएगए।