लखीसराय।बड़हियानगरस्थितराधामोहनठाकुरबाड़ीमेंआयोजितनौदिवसीयराधामोहनवार्षिकोत्सवसहरामकृष्णचितनअमृतवर्षासत्संगसमारोहकेदूसरेदिनमथुरासेआएकथावाचकअखिलेशशास्त्रीनेकहाकिसत्संगसेमानवकल्याणसंभवहै।संतसमाजविश्वकल्याणकेप्रहरीमानेजातेहैं।उन्होंनेसंतकीतुलनाविभीषणसेकरतेहुएबतायाकिराक्षसकुलमेंहोनेकेबावजूदविभीषणनेएकसंतकेरूपमेंआदर्शप्रस्तुतकियावहसराहनीयहै,उनकाकार्यअनुकरणीयहै।उन्होंनेकहाकिजीभमानवके32दुर्जनदांतोंकेबीचसंतकीतरहरहताहै।दांतमेंअगरकोईचीजफंसजाताहैअथवादांतमेंदर्दहोजाताहैतोजीभबार-बारदांतमेंफंसेवस्तुओंकोनिकालनेकाप्रयासकरतीहैतथादांतकोसहलातीहै।लेकिनदांतभोजनचबानेकेक्रममेंजीभकोभीकभी-कभीकाटखाताहै।कथावाचकअखिलेशशास्त्रीकेसंगीतमयप्रस्तुतिसेवातावरणभक्तिमयबनाहुआहै।मौकेपरव्याससोनूजी,बाबूजीचतुर्वेदी,तबलावादकअजयशर्मा,हारमोनियमवादकप्रेमसोनी,माधवशास्त्री,शंकरसिंह,दिवाकरकुमार,वृजनंदनसिंह,विनयसिंह,शंकरसिंह,अभिषेककुमार,बालासिंह,भारतेंदुशेखर,चंद्रकलादेवी,बबितादेवीआदिमौजूदथे।