ऐसेमौकेकमहीदेखनेकोमिलतेहैं,जबएकसाथतीनपीढ़ियांअपनीरचनासेऑडियंसकाेरू-ब-रूकराए।चाहेकलाकीकोईभीविधाहो।ऐसाहीख़ासपललेकरआएशहरकेरिपुदमनसिंहरूप,संजीवनसिंह(बेटा)औररितुराग(पोती)।तीनपीढ़ीकीइसजोड़ीनेकिताबेंलिखीहैं,जोअलग-अलगविषयाेंपरहैं।तीनोंकीइच्छाथीकिएकसाथइनकिताबोंकोसभीकेसामनेलायाजाए।इसमौकेपरहमनेइनतीनोंसेबातकीऔरजानाउनकेलिखनेकीप्रेरणा,प्रभावऔरकिताबकेबारेमें।

किरदारमजबूतहोतेहैं-रिपुदमनसिंहरूप(86)

मैंहरशैलीमेंलिखताहूं,जिनमेंकोईभीकिरदारहोवोकमजोर,बेचारानहींबल्किमज़बूतहोताहै।वहअपनीलड़ाईलड़ताहैऔरसंघर्षकरताहै,ताकिसभीमजबूतबननेकेलिएप्रेरितहों।विषयसमाजसेजुड़ेहोतेहैं।इनदिनोंएककहानीलिखरहाहूं,जोमहिलापरआधारितहै,जोअकेलेसबकामनिपटातीहै।

प्रेरणा-पिताज्ञानीइशरसिंहदर्दऔरबड़ेभाईसंतोखसिंहधीरसेलिखनेकीप्रेरणामिली।जबवहलिखतेथेतोउनकेपासबैठज़ायाकरताथा।

नईकिताब-यहनाैवींकिताबहै।सबसेपहलीकिताब1979मेंदिलदीआगआई।इसकेबादबहाने,रानीरुत,लालगढ़,बदमाशआदिकिताबेंपंजाबीमेंहैं।पोहफुटालेतकमें11कहानियोंकासंग्रहहै।

लेखनशैली-कविता,कहानी,उपन्यासआदि।

लेखकोंसेप्रभावित-पिता-भाईकेअलावासआदतहसनमंटोकाप्रभावमुझपरपड़ाहै।

इंतज़ारकररहेथे-संजीवनसिंह(59)

मैंनेसबसेपहलेतायाजीकीकहानीडायनकानाट्यरूपांतरणकियाथा।इसकेबादलिखनेकासिलसिलाशुरूहुआ।इससमयकिसानआंदोलनपरआधारितनाटकलिखरहाहूं।एक्टिंग,डायरेक्शनकेअलावाखुदकाथिएटरग्रुपभीहै।

प्रेरणा-तायासंतोखसिंहधीरसेलिखनेकीप्रेरणामिली।

नईकिताब-दफ्तरमेरीचौथीकिताबहै।इसमेंविधानाटकहै।मैंनेदफ्तरकेवर्ककल्चरकेबारेमेंदिखायाहैऔरबतायाजोकामकरताहैउसीकोलोगकिसतरहसेछेड़तेहैं।सबसेपहलीकिताब1998मेंफ्रीडमफ़ाइटरआई।इसकेबादबलखनाबुखारेऔरपीजीआई।

लेखनशैली-मैंनेकहानियांभीलिखीहैं,लेकिननाटकज्यादापसंदहैं।

इनलेखकोंसेप्रभावित-तायाजीकेअलावाबलवंतगार्गीकाप्रभावहै।

कलासेजुड़नाज़रूरी-रितुराग(25)

पिछलेसालपीयूकेलॉडिपार्टमेंटसेपासआउटहुईहूं।थिएटरसेजुड़ीहूं।यहीकहूंगीकिअपनीबातरखनेकेलिएजोविधासहीलगेउसीओरजानाचाहिए।ख़ुशीहैकिदादा,पापाकेसाथमुझेकिताबसभीकेसामनेलानेकामौकामिला।कॉलेजकेदिनोंमेंस्टूडेंट्सकेसंघर्षपरलिखरहीहूं।

प्रेरणा-घरकेमाहौलसेपंजाबीमेंऔरस्कूलटीचरसेअंग्रेजीमेंलिखनेकेलिएप्रेरणामिली।

नईकिताब-मेरीपहलीकिताबयूएंडआईमें30कविताएंहैं।स्कूलसमयसेलेकरअबतकजोकविताएंलिखीउसेइसमेंसमेटाहै।

लेखनशैली-कविता,कहानीआदि।

इनलेखकोंसेप्रभावित-विक्रमसेठ,मायाएंजलोकोपढ़तीहूं।इनकीझलकलेखनीमेंमिलेगी।