देहरादून,जेएनएन।भिलंगनाप्रखंडकेकेमरघाटीमेंबिलेश्वरकेपासस्थितबेलेश्वरमहादेवमंदिरपौराणिकमंदिरसभीदेवालयोंमेंएकप्रसिद्धशिवमंदिरहै।जहांपरश्रावणमाहकेअलावाअन्यदिनपरभीशिवभक्तोंकातांतालगारहताहै।क्षेत्रकेलोगोंकीचंदेकीराशिसेबनाकरोड़ोंरुपयेकीलागतसेयहमंदिरघनसाली-चमियालामोटरमार्गसेसटाहोनेकेकारणयहांपरबाहरसेआनेयात्रियोंकेलिएभीयहमंदिरश्रद्धाकाकेंद्रबनाहुआहै।सड़कमार्गसेसटेहोनेकेकारणयहांपरआसानीसेपहुंचाजासकताहै।

प्राचीनकालसेबतातेहैकिजबत्रेतायुगमेंपांचपांडवहरिद्वारसेहिमालयकेलिएप्रस्थानकररहेथेतोमध्यरात्रिकेसमयपांचोंभाईपांडवऔरद्रोपतीउक्तस्थानपररुकगएथे।उससमयवहांपरएकछोटासाशिवमंदिरस्थितथा।विश्रामकेदौरानभगवानशंकरनेयहांपरयुधिष्ठिरकोभेलजातिकेएकविचित्रमनुष्यकेरूपमेंदर्शनदियेथेऔरहिमालयप्रस्थानकरनेसेपूर्वक्षेत्रकेबूढ़ाकेदारस्थितिएकऔरशिवमंदिरमेंरुकनेकीसलाहदीथीतबसेइसजगहकानामपहलेभेलेश्वरऔरअबबेलेश्वरकेनामसेजानाजाताहै।

जिसकावर्णनस्कंदपुराणमेंमिलताहै।इसशिवमंदिरमेशिवलिंगभीकेदारनाथशिवलिंगकीआकृतिकाहै।पहलेयहमंदिरकाफीप्राचीनथा,लेकिनअबइसमंदिरकोभव्यबनायागयाहै।यहांपरक्षेत्रकेलोगबड़ीसंख्यामेंदर्शनकेलिएआतेहैं।इसमंदिरकेप्रतिक्षेत्रकेलोगोंकीअटूटअस्‍थाहै।चारधामयात्राकेदौरानबाहरसेआनेवालेयात्रीभीयहांपहुंचतेहैं।

टिहरीजिलामुख्यालयसे58किमीकीदूरीतयकरघनसालीपहुंचाजासकताहै।यहांसेबसयाछोटेवाहनोंसेआठकिमीकीदूरीतयकरबलेश्वरमहादेवमंदिरमेंपहुंचाजासकताहै।मंदिरतकपहुंचनेकेलिएश्रद्धालुओंकोज्यादापैदलनहींचलनापड़ताहै।लंबगांव-कोटलगांव-चमियालायात्रामार्गसेभीयहांपहुंचाजासकताहै।

मुख्यपुजारीदेवेंद्रतिवाड़ीकाकहनाहैकिश्रावणमाहकेअलावाअन्यदिनमेंभीशिवभक्तोंकायहांपरतांतालगारहताहै।लोगसंतानप्राप्तिकेलिएभीइसमंदिरमेंरूद्रीपाठरात्रिजागरणकाआयोजनकरतेरहतेहै।इसमंदिरकेकपाटवर्षभरश्रद्धालुओंकेलिएखुलारहतेहैं।जिसकारणकभीश्रीश्रद्धालुमंदिरकेदर्शनकरसकतेहैं।

बेलीरामतिवाड़ी(अध्यक्षमंदिरसमिति)काकहनाहैकिपहलेयहमंदिरकाफीप्राचीनथा।स्थानीयलोगोंकेसहयोगसेइसेअबभव्यबनायागयाहै।श्रावणमासमेंयहांपरविभिन्नकार्यक्रमआयोजितहोतेहैं।स्थानीयलोगोंकेअलावादूर-दराजक्षेत्रकेभीकाफीसंख्यामेंश्रद्धालुयहांपहुंचतेहैं।

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